भारत का चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बढ़कर 4.2 अरब डॉलर हो गया. यह GDP का 0.5 फीसदी है, जबकि एक साल पहले यह 3.4 अरब डॉलर था. मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट बढकर 86.1 अरब डॉलर पहुंच गया. हालांकि सर्विस रिसीट्स और विदेश से आने वाले रेमिटेंस में बढ़ोतरी से कुछ राहत मिली.