Power Stocks Crash: चीनी कंपनियों को सरकारी टेंडर में एंट्री, 9% तक टूटे Hitachi Energy-CG Power समेत ये स्टॉक

केंद्र सरकार की ओर से भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट वाली चार चीनी मूल की पावर उपकरण कंपनियों को सरकारी पावर प्रोजेक्ट के टेंडर में भाग लेने की अनुमति देने के बाद पावर सेक्टर के शेयरों में भारी दबाव देखने को मिल रहा है. बढ़ती प्रतिस्पर्धा की आशंका से निवेशकों ने बिकवाली की, जिससे Hitachi Energy, CG Power समेत कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई.

Power Equipment Stocks Image Credit: Canva/ Money9

Power Equipment Stocks : सरकार के एक नए फैसले के बाद गुरुवार को पावर इक्विपमेंट सेक्टर के कई बड़े शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली. केंद्र सरकार ने भारत में फैक्ट्री लगाने वाली चार चीनी मूल की कंपनियों को सरकारी पावर प्रोजक्ट के टेंडर में हिस्सा लेने की अनुमति दी है. इस फैसले से बाजार को लगा कि भारतीय कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका असर शेयरों पर साफ दिखाई दिया.

चीनी कंपनियों को मिली सरकारी टेंडर में भागीदारी

वित्त मंत्रालय के 24 जून के आदेश के अनुसार, TBEA Energy, Nanjing Electric India, New Northeast Electric India और Taikai Electric (India) को सरकारी बिजली परियोजनाओं के टेंडर में हिस्सा लेने की छूट दी गई है. यह अनुमति केवल उन कंपनियों को दी गई है जिनकी भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है. सरकार ने साफ किया है कि यह छूट दो साल तक लागू रहेगी.

शेयर बाजार में पावर कंपनियों पर दबाव

सरकारी फैसले के बाद पावर इक्विपमेंट कंपनियों के शेयरों में बिकवाली बढ़ गई. (11:35 AM, 3 July तक का डेटा यहां लिया गया है.)

  • Hitachi Energy का शेयर करीब 9.16 फीसदी टूटा.
  • CG Power का शेयर लगभग 7 फीसदी गिरा.
  • GE Vernova T&D समेत कई पावर कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली.
  • Thermax, BHEL, GE Power India और TD Power Systems के शेयरों में भी 3 फीसदी से 9 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई.
  • Nifty Energy इंडेक्स भी करीब 1.1 फीसदी कमजोर होकर कारोबार करता दिखा.

बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, तेजी से बढ़ रहे पावर प्रोजेक्ट्स

इन चीनी कंपनियों की एंट्री से भारतीय पावर इक्विपमेंट कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. ये कंपनियां हाई-वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर, गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) और अन्य ग्रिड उपकरण बनाती हैं. सरकार देश में बिजली की बढ़ती मांग और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए यह सीमित अवधि की छूट दी गई है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.