Nifty Outlook June 16: निफ्टी का क्या होगा अगला अपसाइड टारगेट, किस लेवल पर इमीडिएट सपोर्ट?

Nifty Outlook June 16: सोमवार को निफ्टी में जबरदस्त ब्रेकआउट देखा गया और यह 231 अंक ऊपर बंद हुआ. 362 अंकों के बड़े अपसाइड गैप के साथ खुलने के बाद इंडेक्स सीमित दायरे में आ गया. शांति समझौते से निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा है, जिससे इक्विटी बाजार में व्यापक रिकवरी देखने को मिली है.

निफ्टी आउटलुक 16 जून. Image Credit: money9live

Nifty Outlook June 16: सोमवार, 15 जून को बेंचमार्क इंडेक्स लगभग 1 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए और दलाल स्ट्रीट पर लगातार दूसरे दिन भी तेजी का माहौल बना रहा. इस तेजी की एक वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट थी, जो अमेरिका और ईरान के बीच इस क्षेत्र में लगभग चार महीने से चल रहे टकराव को खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर बनी सहमति के बाद हुई. मंगलवार को निफ्टी की चाल कैसे रहेगी, आइए एक्सपर्ट्स के आउटलुक से समझ लेते हैं.

जबरदस्त ब्रेकआउट

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, नागराज शेट्टी ने सोमवार के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी है. वेस्ट-एशिया में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर एग्रीमेंट की वजह से सोमवार को निफ्टी में जबरदस्त ब्रेकआउट देखा गया और यह 231 अंक ऊपर बंद हुआ. 362 अंकों के बड़े अपसाइड गैप के साथ खुलने के बाद, मार्केट एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में आ गया और पूरे सेशन के दौरान इसी स्थिति में रहा. शुरुआती अपसाइड गैप आंशिक रूप से भर गया है.

बुलिश ब्रेकअवे गैप

डेली चार्ट पर गैप-अप ओपनिंग के साथ एक छोटी रेड कैंडल बनी, जो 23750 पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंड लाइन के मुख्य रेजिस्टेंस के ऊपर ब्रेकआउट का संकेत देती है. सोमवार की गैप-अप ओपनिंग को ‘बुलिश ब्रेकअवे गैप’ माना जा सकता है, जो आमतौर पर महत्वपूर्ण बॉटम रिवर्सल के पास बनते हैं. यह एक पॉजिटिव संकेत है.

इमीडिएट सपोर्ट

निफ्टी का मुख्य ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है. 24100 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर टिकने पर निकट भविष्य में 24500 का अगला अपसाइड टारगेट खुल सकता है. इमिडिएट सपोर्ट 23650 पर है.

दिख रही कमाई की संभावना

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा, ‘अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते से निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा है, जिससे इक्विटी बाजार में व्यापक रिकवरी देखने को मिली है. कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने के कारण महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, जिससे ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीद बनी है और FY27 के लिए कमाई की बेहतर संभावना दिख रही है.

रिस्क-रिवॉर्ड समीकरण

इक्विटी के लिए रिस्क-रिवॉर्ड का समीकरण बेहतर होने के साथ, निवेशक तेजी से ऑटो, इंडस्ट्रियल, कैपिटल गुड्स और रियल एस्टेट जैसे ग्रोथ-ओरिएंटेड सेक्टर की ओर बढ़ रहे हैं, जो बेहतर होते मैक्रो माहौल का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं. जियो-पॉलिटिकल जोखिम कम होने से बॉन्ड यील्ड और FII आउटफ्लो में कमी आने और रुपये के मजबूत होने की भी उम्मीद है, जिससे बाजार का सकारात्मक नजरिया और मजबूत होगा.

कंसोलिडेशन फेज

HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, नंदीश शाह आज के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि शुक्रवार की जबरदस्त बढ़त के बाद, सोमवार को निफ्टी में लगातार दूसरे सेशन में भी तेजी रही, क्योंकि जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने से सेंटीमेंट बेहतर हुआ. इंडेक्स 231 अंक चढ़कर 23,853 पर बंद हुआ. ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण यह 362 अंकों की जबरदस्त गैप-अप ओपनिंग के साथ खुला और ट्रेडिंग के पहले मिनट में ही अपना इंट्राडे हाई बनाया.

हालांकि, शुरुआती घंटों में इंडेक्स जल्द ही कंसोलिडेशन फेज में चला गया. सुबह 11 बजे के बाद मोमेंटम कम हो गया, जिससे इंट्राडे में दिन के हाई से लगभग 200 अंकों की गिरावट आई, जो ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग को दिखाता है. पिछले सेशन की तुलना में NSE कैश मार्केट टर्नओवर में 9% की बढ़ोतरी हुई.

सबसे आगे ये सेक्टर्स

इंडेक्स की बड़ी कंपनियों में ट्रेंट, HDFC लाइफ और श्रीराम फाइनेंस ने बढ़त की अगुवाई की, जबकि NTPC, बजाज ऑटो और ONGC पिछड़ने वाली प्रमुख कंपनियां रहीं. सेक्टर के हिसाब से देखें तो फार्मा, हेल्थकेयर और मीडिया को छोड़कर सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, जिसमें रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटो सेक्टर सबसे आगे रहे.

बेंचमार्क इंडेक्स के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी बढ़त देखी गई, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में क्रमशः 1.30% और 1.10% की बढ़ोतरी हुई. मार्केट का दायरा मजबूत रहा और BSE का एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो 2.33 रहा.

घरेलू करेंसी में सुधार

जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम होने से कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर में गिरावट आई, जिससे भारतीय रुपया 40 पैसे मजबूत हुआ. इसके अलावा, हाल ही में सरकार और RBI के उपायों के कारण डेट मार्केट में डॉलर का लगातार इनफ्लो और ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में सुधार ने घरेलू करेंसी को और सपोर्ट दिया.

इमीडिएट रेजिस्टेंस

इंट्राडे में गिरावट के बावजूद, निफ्टी अपने 50-दिन के DEMA (जो 23,772 के आसपास है) से ऊपर बना रहा, जिसे गैप-अप ओपनिंग के दौरान निर्णायक रूप से पार कर लिया गया था. इससे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का रुख पॉजिटिव बना हुआ है. ऊपर की तरफ, 24,100 के लेवल के पास इमीडिएट रेजिस्टेंस दिख रहा है, जबकि 23,600–23,700 का जोन नियर टर्म में सपोर्ट देने की उम्मीद है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.