BOAT को मिल गई IPO लाने की मंजूरी, जानें- कितना पैसा जुटाएगी कंपनी; लिस्टिंग के लिए बनाया प्लान
BOAT IPO: स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने के लिए कंपनी का यह दूसरा प्रयास है. इससे पहले साल 2022 में भी बोट ने आईपीओ लाने का प्लान बनाया था, लेकिन बाजार का माहौल देखकर उसने अपनी योजना को कैंसिल कर दिया था.
BOAT IPO: इलेक्ट्रॉनिक वियरेबल्स ब्रांड बोट के शेयरहोल्डर्स ने कंपनी को इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने को मंजूरी दे दी है. बोट को 500 करोड़ रुपये के तक के फ्रेश इश्यू कॉम्पोनेंट के साथ IPO के प्रस्ताव की मंजूरी शेयरहोल्डर्स ने दी है. कंपनी ने साल 2022 में भी शेयर मार्केट में एंट्री की कोशिश की थी, लेकिन बाजार का माहौल देखते हुए उसने अपने प्लान को ठंडे बस्ते में डाल दिया था. स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने के लिए कंपनी का यह दूसरा प्रयास है.
सेबी के पास फाइल करेगी पेपर
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के साथ की गई फाइलिंग के अनुसार, ब्रांड की पैरेंट फर्म इमेजिन मार्केटिंग के शेयरधारकों ने एक विशेष प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिससे कंपनी को आईपीओ लाने की अनुमति मिलेगी. इसमें नए शेयर बेचकर 500 करोड़ रुपये जुटाना शामिल है.
फायरसाइड वेंचर्स समर्थित कंपनी की आरओसी फाइलिंग के अनुसार, नियामक के गोपनीय फाइलिंग रूट के जरिए से सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करेगी. पिछले साल नवंबर में लिस्ट हुई स्विगी ने भी अपने आईपीओ के लिए सेबी के प्री-फाइलिंग रूट को ही अपनाया था.
कब लिस्ट हो सकती है कंपनी?
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, गुड़गांव बेस्ड फर्म ने अपने आईपीओ के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, गोल्डमैन सैक्स और नोमुरा को बैंकर नियुक्त किया है, जिसे वह वित्त वर्ष 2026 के लिए टार्गेट कर रही है. 2022 में बोट ने 2,000 करोड़ रुपये के ऑफर के लिए आईपीओ ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था. इसमें प्राइमरी कैपिटल में 900 करोड़ रुपये और निजी इक्विटी फर्म वारबर्ग पिंकस के 1,100 करोड़ रुपये के सेंकेंडरी ऑफर शामिल थे.
कंपनी का वैल्यूएशन
ईटी के अनुसार, बोट की आखिरी पूंजी जुटाने की कोशिश मौजूदा निवेशक वारबर्ग पिंकस और नए निवेशक मालाबार इन्वेस्टमेंट्स के साथ की थी और कन्वर्टिबल प्रेफर्ड स्टॉक के जरिए 60 मिलियन डॉलर जुटाए गए थे. तब मिनिमम वैल्यूएशन कैप करीब 1.2 बिलियन डॉलर था. कंपनी की अपने आईपीओ प्लान पर ऐसे समय में आगे बढ़ रही है, जब शेयर मार्केट करेक्शन के दौर में प्रवेश कर चुका है.
कारोबार और वित्तीय सेहत
पिछले एक साल में बोट का कारोबार अर्थव्यवस्था आई खपत में गिरावट के चलते दबाव में आया है, जिससे वियरेबल्स सेगमेंट, खासकर स्मार्टवॉच का बिजनेस बहुत प्रभावित हुआ है. वित्त वर्ष 2024 में बोट का ऑपरेशनल रेवेन्यू 5 फीसदी गिरकर 3,285 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इसने अपना घाटा काफी कम करके 70.8 करोड़ रुपये कर दिया. वायरलेस इयरफोन सेगमेंट में कंपनी की तिमाही में 30.5 फीसदी हिस्सेदारी थी.
IDC के अनुसार, भारत के वियरेबल्स डिवाइस बाजार में 2024 में पहली बार 11.3 फीसदी की गिरावट आई है, जिसमें स्मार्टवॉच शिपमेंट में 34.4 फीसदी की तेज की गिरावट आई है और इयरवियर सेगमेंट में 3.8 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है.