22 Feb 2025
Bankatesh kumar
27 Feb 2025
Tejaswita Upadhyay
पारंपरिक डिस्पोजेबल बैटरियां भारी मात्रा में ई-कचरा पैदा करती हैं और जहरीले केमिकल लीक होने का खतरा रहता है. रीचार्जेबल बैटरियां लंबे समय तक इस्तेमाल के लायक होती हैं और सैकड़ों बार चार्ज होकर बैटरियों के कचरे को कम करती हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता.
सोलर पैनल सूरज की रोशनी से ऊर्जा उत्पन्न कर बिजली पर निर्भरता कम करते हैं. यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने में मदद करता है और फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम कर वातावरण को स्वच्छ बनाए रखता है. साथ ही, यह एक लंबी अवधि का निवेश है.
हर दिन घरों से निकलने वाला जैविक कचरा लैंडफिल में मीथेन गैस उत्पन्न करता है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती है. स्मार्ट कंपोस्टिंग सिस्टम इस कचरे को खाद में बदलकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना उसे फिर से उपयोग किया जा सकता है.
पारंपरिक AC बिजली की अधिक खपत करते हैं और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बढ़ाते हैं. स्मार्ट एसी उन्नत सेंसर और AI तकनीक के जरिए ऊर्जा की खपत को 50% तक कम कर सकते हैं. यह कार्बन फुटप्रिंट घटाने में मदद करता है और बिजली के बिल को भी कम करता है.
कई बार हम उपकरणों को प्लग में ही छोड़ देते हैं, जिससे 'वैंपायर एनर्जी' (छुपी बिजली खपत) बढ़ती है. स्मार्ट प्लग से रिमोट कंट्रोल या ऑटो-ऑफ सिस्टम के जरिए बिना जरूरत बिजली बंद की जा सकती है, जिससे ऊर्जा की खपत कम होती है और पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़ता है.
पारंपरिक बल्ब और CFL लाइट्स ज्यादा बिजली की खपत करते हैं और इनमें हानिकारक तत्व होते हैं. एलईडी बल्ब 80% तक कम ऊर्जा खपत करते हैं और लंबे समय तक चलते हैं, जिससे बिजली की बचत होती है और कार्बन उत्सर्जन भी कम होता है. यह गर्मी भी कम पैदा करते हैं, जिससे एयर कंडीशनिंग पर निर्भरता घटती है.
पारंपरिक शावरहेड्स बहुत ज्यादा पानी बहाते हैं, जिससे जल संकट बढ़ता है. इको-फ्रेंडली शावरहेड पानी के प्रवाह को नियंत्रित कर 50% तक पानी की बचत करता है, बिना पानी के दबाव को कम किए. यह कम पानी में भी बेहतरीन नहाने का अनुभव देता है और जल संरक्षण में मदद करता है.
स्मार्टफोन चार्ज करने के लिए बिजली की जरूरत होती है, लेकिन सोलर पावर्ड चार्जर सूरज की रोशनी से फोन चार्ज कर सकते हैं. यह न केवल इलेक्ट्रिसिटी की खपत घटाते हैं बल्कि बाहर ट्रैवलिंग के दौरान भी बिना बिजली के चार्जिंग का विकल्प देते हैं, जिससे ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलता है.