22 Feb 2025

Bankatesh kumar

किसके नाम पर रखा गया अल्फांसो, लंगड़ा-चौसा की भी गजब स्टोरी

28 Feb 2025

Satish Vishwakarma

क्या आपने कभी आम उठाते वक्त यह सोचा है कि इन आमों की किस्मों के नाम कैसे पड़े? जैसे, अल्फांसो आम का नाम अल्फांसो क्यों है या लंगड़ा आम का नाम लंगड़ा क्यों पड़ा? दरअसल, इन नामों के पीछे कुछ दिलचस्प कहानियां हैं.  

नामों की है दिलचस्प कहानी

भारत में गर्मियों के मौसम में लोग मीठे, रसीले और लज़ीज आमों का इंतजार करते हैं. चाहे वह दशहरी हो, बादामी हो, चौंसा हो, हिमसागर हो या फिर स्थानीय किस्में आम पूरे भारत में पसंद किए जाते हैं.  

पूरे भारत में पसंद किए जाते हैं आम

आइए, आमों के राजा से शुरुआत करते हैं. अल्फांसो का नाम असल में अफोंसो डी अल्बुकर्क के नाम पर रखा गया है, जो एक पुर्तगाली सेनापति था.  

 एक पुर्तगाली जनरल के नाम 

वैसे तो पुर्तगाली मुख्य रूप से मसालों का ट्रेड करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने गोवा में आम की खेती में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 

गोवा से हुई शुरुआत

 भारत में सबसे बेहतरीन अल्फांसो महाराष्ट्र के रत्नागिरी से आते हैं, जिससे यह सबसे अधिक मांग वाली आम की किस्मों में से एक बन जाता है.

कहां से आते हैं अल्फांसो

पूर्वांचल में हमें लंगड़ा आम मिलता है, जिसका नाम सुनने में काफी अजीब लगता है. कहा जाता है कि इस किस्म का नाम वाराणसी के एक किसान के नाम पर पड़ा.  

एक किसान की विरासत  

जिस किसान के नाम पर इस आम का नाम पड़ा, वह लंगड़ा था. वह अपने बगीचे की बहुत देखभाल करता था. लोगों ने किसान के समर्पण को देखते हुए उसके पेड़ों से मिलने वाले आमों को 'लंगड़ा आम' कहना शुरू कर दिया.  

लंगड़े किसान के नाम पर

दशहरी, एक ऐसा आम जिसका इतिहास काफी शाही है. इस किस्म का नाम लखनऊ के पास स्थित दशहरी गांव से लिया गया है, जहां इसे पहली बार लखनऊ के नवाब के शाही बगीचे में उगाया गया था.  

 एक शाही बगीचे में जन्म  

चौसा आम का नाम एक युद्ध के नाम पर पड़ा. जब शेर शाह सूरी चौंसा की लड़ाई में विजयी हुए, तो वे इतने खुश हुए कि उन्होंने इस आम का नाम चौंसा रख दिया.  

चौसा  

कर्नाटक के बादामी आम को यह नाम इसलिए मिला क्योंकि यह बादाम जैसा दिखता है.

 बादामी