04 April 2025
Satish Vishwakarma
गर्मी के सीजन में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, कमरे का तापमान भी बढ़ने लगता है. तापमान बढ़ने के साथ ही हम पंखे की स्पीड भी बढ़ा देते हैं, लेकिन कभी-कभी बिजली बचाने के लिए हम पंखे को 1 नंबर पर भी चलाते हैं.
अक्सर हमें लगता है कि अगर हम पंखे को 1 नंबर पर चलाते हैं, तो बिजली की खपत कम होगी, जबकि 5 नंबर पर चलाने से ज्यादा बिजली खर्च होगी. लेकिन क्या यह सच है? आइए जानते हैं कि पंखे को किस नंबर पर चलाने से बिजली का बिल कम आएगा.
ज्यादा बिजली की खपत
हमारे पंखे की स्पीड को रेगुलेटर कंट्रोल करता है. यानी कि आपका रेगुलेटर कैसा है, यह पूरी तरह उसी पर निर्भर करता है.
पंखे की स्पीड
आम तौर पर हमें लगता है कि पंखे की बिजली खपत उसकी स्पीड पर निर्भर करती है, लेकिन ऐसा नहीं है. किसी भी रेगुलेटर का आधार यह बताता है कि पंखे की स्पीड से बिजली की खपत कम या ज्यादा हो सकती है.
बिजली की खपत उसकी स्पीड पर डिपेंड
मार्केट में कई प्रकार के रेगुलेटर उपलब्ध हैं. रेगुलेटर का प्रकार ही यह तय करता है कि पंखे की स्पीड से बिजली की बचत होगी या नहीं.
कई तरह के होते हैं रेगुलेटर
कुछ फैन रेगुलेटर वोल्टेज को कम करके पंखे की स्पीड को कंट्रोल करते हैं, जबकि कुछ सिर्फ स्पीड कम करते हैं और वोल्टेज से उनका कोई लेना-देना नहीं होता.
कैसे कंट्रोल होता हैं पंखे की स्पीड
जो फैन रेगुलेटर वोल्टेज को कम करके पंखे की स्पीड कंट्रोल करते हैं, उनसे भी बिजली की बचत नहीं होती. दरअसल, रेगुलेटर का उपयोग पंखे में जाने वाले वोल्टेज को कम करने के लिए किया जाता है.
क्या वोल्टेज कम करने से बिजली बचती है?
ऐसे में पंखा कम बिजली तो खाता है, लेकिन इससे बिजली की बचत नहीं होती, क्योंकि रेगुलेटर केवल एक रेसिस्टर की तरह काम करता है और पंखे में पूरी बिजली जाती है. इससे पंखे की स्पीड कम करने से बिजली की खपत पर कोई असर नहीं पड़ता.
बिजली की खपत पर कोई असर नहीं