30 Mar 2025
Tejaswita Upadhyay
AC खरीदते समय सिर्फ कम कीमत देखकर फैसला लेना सही नहीं होता. इन्वर्टर AC भले ही महंगे होते हैं, लेकिन ये बिजली की बचत करते हैं और लंबे समय तक फायदे में रहते हैं. साथ ही, ब्रांड और वारंटी पर भी ध्यान देना जरूरी है.
AC की टन क्षमता कमरे के आकार पर निर्भर करती है. अगर कमरा 100-120 स्क्वायर फीट का है तो 1 टन, 150-180 स्क्वायर फीट के लिए 1.5 टन और 200 स्क्वायर फीट से बड़े कमरे के लिए 2 टन का AC लेना सही रहेगा.
कमरे के साइज के अनुसार AC की क्षमता चुनें
AC खरीदते समय 5-स्टार एनर्जी रेटिंग वाले मॉडल को प्राथमिकता दें क्योंकि ये कम बिजली खर्च करते हैं. 3-स्टार वाले मॉडल सस्ते होते हैं, लेकिन ज्यादा बिजली खर्च कर सकते हैं, जिससे लंबे समय में बिजली बिल बढ़ जाता है.
एनर्जी रेटिंग और बिजली खपत का ध्यान रखें
इन्वर्टर AC बिजली की खपत कम करते हैं और निरंतर ठंडक बनाए रखते हैं, जबकि नॉन-इन्वर्टर AC ज्यादा बिजली खाते हैं और बार-बार कंप्रेसर ऑन-ऑफ करते हैं. अगर लंबे समय तक चलाना है तो इन्वर्टर AC बेहतर विकल्प हो सकता है.
इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर AC में अंतर समझें
बड़े और भरोसेमंद ब्रांड से AC खरीदें ताकि आपको अच्छी सर्विस मिले. लोकल ब्रांड सस्ते हो सकते हैं, लेकिन सर्विस और स्पेयर पार्ट्स की समस्या आ सकती है. इसलिए, वारंटी और सर्विस सेंटर की उपलब्धता जरूर जांचें.
ब्रांड और सर्विस नेटवर्क की जांच करें
Wi-Fi कंट्रोल, एयर प्यूरीफायर, डुअल कूलिंग, ऑटो-क्लीन और डिह्यूमिडिफायर जैसे फीचर्स आपको ज्यादा आराम और स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं. इसलिए, जरूरत के हिसाब से सही फीचर्स वाला AC चुनना फायदेमंद रहेगा.
फीचर्स और एडवांस टेक्नोलॉजी पर ध्यान दें
AC खरीदने के बाद इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस का खर्च भी जरूरी होता है. कुछ ब्रांड मुफ्त इंस्टॉलेशन देते हैं, जबकि कुछ इसके लिए अलग चार्ज लेते हैं. रेगुलर सर्विसिंग से AC की लाइफ और परफॉर्मेंस बेहतर बनी रहती है.
इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस खर्च का अनुमान लगाएं
अगर आपके घर में जगह कम है और खिड़की की सुविधा नहीं है तो स्प्लिट AC बेहतर होगा. वहीं, विंडो AC सस्ते और इंस्टॉल करने में आसान होते हैं. दोनों के फायदे-नुकसान समझकर ही सही फैसला लें.
अपनी जरूरत के अनुसार स्प्लिट या विंडो AC चुनें