04 April 2025
Satish Vishwakarma
बॉलीवुड के अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार का शुक्रवार सुबह 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. देशभक्ति से भरपूर उनकी फिल्मों ने उन्हें ‘भारत कुमार’ की उपाधि दिलाई. उनकी सिनेमाई विरासत को सलाम करते हुए, हम उनकी 10 सबसे शानदार फिल्मों पर एक नजर डालते हैं.
‘उपकार’ वह फिल्म थी, जिससे मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ का नाम मिला. इसमें उन्होंने एक किसान का किरदार निभाया, जो देशभक्ति की भावना से भरा हुआ था.
उपकार (1967)
इस फिल्म में मनोज कुमार ने एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका निभाई, जो अपनी जिंदगी में रोटी, कपड़ा और मकान के लिए संघर्ष करता है. यह फिल्म सामाजिक मुद्दों को उठाने वाली सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है.
रोटी कपड़ा और मकान (1974)
इस फिल्म का निर्देशन भी मनोज कुमार ने किया था और उन्होंने इसमें मुख्य भूमिका निभाई थी. यह फिल्म भारतीय संस्कृति और पश्चिमी संस्कृति के टकराव पर आधारित थी.
पूरब और पश्चिम (1970)
देशभक्ति की भावना से लबरेज इस फिल्म में मनोज कुमार ने शशि कपूर और हेमा मालिनी के साथ स्क्रीन शेयर की. वे न केवल इस फिल्म के मुख्य अभिनेता थे, बल्कि उन्होंने इसका निर्देशन भी किया था.
क्रांति (1981)
इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में मनोज कुमार ने ‘राजेश’ की भूमिका निभाई थी. फिल्म में वहीदा रहमान, मुमताज और महमूद भी अहम किरदारों में थे.
पत्थर के सनम (1967)
‘पत्थर के सनम’ के एक साल बाद आई इस फिल्म में मनोज कुमार और वहीदा रहमान की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया. यह फिल्म अपनी दिलचस्प कहानी और खूबसूरत संगीत के लिए जानी जाती है.
नील कमल (1968)
यह फिल्म भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक भगत सिंह के जीवन पर आधारित थी. मनोज कुमार ने इसमें शहीद भगत सिंह की भूमिका निभाई थी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा.
शहीद (1965)
मनोज कुमार की यह फिल्म भी उनकी महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक मानी जाती है. इसमें उन्होंने समाज से जुड़े कई मुद्दों को उठाया था.
क्लर्क (1989)