03 April 2025
Soma Roy
इस साल अक्षय तृतीया का पर्व 30 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार, इस बार तृतीया तिथि 29 अप्रैल की शाम 5:32 बजे शुरू होगी और 30 अप्रैल को दोपहर 2:13 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के कारण ये पर्व 30 अप्रैल को मनाया जाएगा.
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया या आखा तीज कहते हैं. "अक्षय" का मतलब है कभी न खत्म होने वाला, इसलिए इस दिन की गई खरीदारी से सुख-समृद्धि हमेशा बनी रहती है.
अक्षय तृतीया के दिन धन के देवता कुबेर को स्वर्ग का खजाना सौंपा गया था. इसलिए इस दिन सोने के गहने, सिक्के या बार खरीदना संपन्नता का प्रतीक माना जाता है.
अक्षय तृतीया पर जमीन, फ्लैट या दुकान खरीदना भी बेहद शुभ होता है. ये न सिर्फ आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और उज्ज्वल भविष्य का वादा भी लाता है.
इस दिन एक मिट्टी का घड़ा खरीदें और इसमें अक्षत (बिना टूटे चावल) और हल्दी से भरें. अगले साल तक इसे संभालकर रखें. इस घड़े की पूजा करने से तरक्की होती है.
अक्षय तृतीया के दिन पीतल या तांबे के नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ये बर्तन घर में सकारात्मक ऊर्जा और अच्छी किस्मत लाते हैं.
बीज आशा और विकास के प्रतीक हैं. ऐसे में अक्षय तृतीया पर बीज बोना सकारात्मक ऊर्जा और भविष्य की कामयाबी का जरिया हो सकते हैं. इसलिए इसकी खरीदारी भी शुभ मानी जाती है.
यंत्र खरीदना इस दिन बेहद प्रभावशाली होता है. ये अलग-अलग देवताओं और ब्रह्मांडीय शक्तियों का प्रतीक हैं. इससे आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है.
जो लोग अक्षय तृतीया पर सोना नहीं खरीद सकते हैं तो वे चांदी के आभूषण, सिक्के या बर्तन खरीदें. ये भी समृद्धि और शांति का प्रतीक है. इससे भी गुड लक आता है.