भारत के इस गांव वालों के पास है 7000 करोड़ की FD

   04 April 2025

VIVEK SINGH

गुजरात के भुज जिले में स्थित माधापुर गांव को एशिया का सबसे अमीर गांव कहा जाता है. इसकी आबादी केवल 32,000 है, लेकिन गांव की फिक्स्ड डिपॉजिट्स ₹7,000 करोड़ से अधिक हैं.  

एशिया का सबसे अमीर गांव

गांव की 65% आबादी NRI (Non-Resident Indian) है, जो मुख्य रूप से अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में बसे हुए हैं. ये NRIs गांव के विकास के लिए भारी मात्रा में धन भेजते हैं.  

सफलता का राज

माधापुर में मौजूद संपत्ति और निवेशों के कारण यहां SBI, HDFC, ICICI, PNB समेत 17 बैंक स्थापित किए गए हैं, जिससे इसे एक आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है.  

गांव में हैं 17 बैंक

माधापुर में सिर्फ बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि इस पैसे का इस्तेमाल सड़कें, झीलें, स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र और मंदिर बनाने में किया जाता है, जिससे गांव का चहुंमुखी विकास हो रहा है.  

 बैंक बैलेंस नहीं, विकास पर फोकस

NRI समुदाय विदेश में रहने के बावजूद गांव के लिए लगातार निवेश और दान करता है. वे अपने पैसों का उपयोग केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव की बेहतरी के लिए करते हैं.  

 विदेश में रहते, दिल गांव में बसता है

माधापुर के ज्यादातर NRI अफ्रीका में कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री से जुड़े हैं. वहां से भेजा गया धन गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है और स्थानीय लोगों के जीवन को बेहतर बनाता है.  

अफ्रीका से सबसे ज्यादा निवेश

भारत सरकार ने भी इस गांव की संपत्ति और अनूठी आर्थिक स्थिति को आधिकारिक रूप से मान्यता दी है, जो इसे और भी खास बनाता है.  

 सरकार ने भी दी मान्यता

माधापुर गांव सामुदायिक विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिससे अन्य गांव भी प्रेरणा ले सकते हैं और अपने विकास के लिए नए रास्ते खोल सकते हैं. 

 भविष्य के लिए आदर्श मॉडल