अगले बुधवार को होने वाली मॉनिटरी पॉलिसी की घोषणा से पहले इस बात पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या RBI रुपये को बचाने के लिए ब्याज दरों का इस्तेमाल करेगा. अगर तेल की कीमतें औसतन 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहती हैं, तो कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) 6 फीसदी से नीचे रहेगी.