शेयर मार्केट से विदेशी निवेशकों की बिकवाली 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. पहले 9 महीनों में FPI ने भारतीय इक्विटी से 3.05 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल लिए हैं. यह अब तक का सबसे बड़ा सालाना आउटफ्लो है. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी, मजबूत डॉलर, ग्लोबल ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और महंगे कच्चे तेल ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है.