IT सर्विसेज, स्टील, हॉस्पिटैलिटी और कंज्यूमर गुड्स में फैले 185 अरब डॉलर के टाटा ग्रुप एम्पायर के सेंटर में बैठी एंटिटी ने वर्षों तक स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग का विरोध किया है, लेकिन अब सख्त रेगुलेटरी ने साफ तर दिया है कि कंपनी को पब्लिक होना ही पड़ेगा.