सुभाष चंद्रा के मामले में 22006.57 करोड़ रुपये के दावों के मुकाबले केवल 6.25 करोड़ रुपये के रिपेमेंट प्लान को लेकर उठे सवालों के बीच IBBI ने पर्सनल गारंटर की दिवाला प्रक्रिया में चार बदलाव प्रस्तावित किए हैं. इनमें संबंधित पक्षों की वोटिंग रोकना, संदिग्ध लेनदेन की जांच, गारंटर की संपत्ति का अनिवार्य वैल्यएशन और कर्जदाताओं के फैसले का विस्तृत रिकॉर्ड रखना शामिल है.