भारत में बिकेंगे अमेरिका के फल-सब्जी और मक्का, जानें ट्रंप क्यों करना चाहते हैं ऐसा

2 अप्रैल से ट्रंप का रेसिप्रोकल टैक्स लागू हो गया है, जिससे भारत समेत कई देश प्रभावित हुए हैं. भारत ने हार्ले डेविडसन, व्हिस्की और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट पर टैरिफ में कटौती की है. अमेरिका चाहता है कि भारत डेयरी उत्पादों, गेहूं, चावल, मक्का पर भी शुल्क कम करे. भारत इसके बदले अनार, अंगूर और चावल के लिए अमेरिकी बाजार में अधिक पहुंच की मांग कर रहा है.

2 अप्रैल से ट्रंप का रेसिप्रोकल टैक्स लागू हो गया है, जिससे भारत समेत कई देश प्रभावित हुए हैं.

Trump Tariff War On Agriculture Products: आज अमेरिकी रात में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर के ऐलान करेंगे. इसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ेगा. जहां दुनिया के अन्य देश जैसे चीन और कनाडा इसका जवाब टैरिफ बढ़ाकर दे रहे हैं, वहीं भारत ने नरम रुख अपनाते हुए कई अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने का फैसला किया है, जिसमें हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल और अमेरिकी व्हिस्की शामिल हैं. हालांकि, टैरिफ वार में एग्रीकल्चर प्रोडक्ट भी अछूते नहीं रहे हैं. अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी एग्रीकल्चर प्रोडक्ट पर भी टैरिफ हटाए जिससे ये प्रोडक्ट सस्ता हो और इंडिया में बिक सकें.

अमेरिकी बादाम,अखरोट, मक्का पर इतना लगता है टैक्स

देश में अभी अमेरिकी एग्रीकल्चर प्रोडक्ट जैसे बादाम, अखरोट, क्रैनबेरी जैसे पर 30 फीसदी से 100 फीसदी तक टैरिफ है. तो दालों पर 10 फीसदी इंपोर्ट टैरिफ लागू है. वहीं डेयरी प्रोडक्ट पर अभी 30 फीसदी टैरिफ लगता है. अमेरिका चाहता है कि भारत इन प्रोडक्ट पर टैरिफ कम करें ताकि अमेरिका प्रोडक्ट भारत में बिक सकें.

अमेरिका की मांग क्या है?

फिलहाल भारत अमेरिकी एग्रीकल्चर प्रोडक्ट का इंपोर्ट पर भारी-भरकम टैरिफ लगाता है ताकि स्थानीय किसानों की को विदेशी प्रोडक्ट के कंपटीशन से बचाया जा सके. इसी को लेकर ट्रंप ने भारत को धमकी देते हुए कहा था कि अगर भारत अमेरिकी एग्रीकल्चर प्रोडक्ट पर टैरिफ नहीं हटाता है तो अमेरिका भारतीय एग्रीकल्चर प्रोडक्ट पर टैरिफ बढ़ा देगा. इसके बाद भारत और अमेरिका के बीच बातचीत हुई और भारत ने कई अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ में कटौती करने का फैसला किया. हाल ही में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के सहायक प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के साथ बैठक में बोर्बन व्हिस्की, बादाम, अखरोट, क्रैनबेरी, पिस्ता और दालों पर टैरिफ कम करने पर सहमति बनी.

भारत का रुख क्या है?

भारत और अमेरिका के बीच एग्रीकल्चर प्रोडक्ट पर टैरिफ को लेकर अभी बातचीत जारी है. भारत ने $23 बिलियन के अमेरिकी इंपोर्ट में से आधे पर टैरिफ कम करने पर सहमति जताई है. हालांकि, भारत इसके बदले अमेरिकी बाजार में अनार, अंगूर और चावल जैसे भारतीय एग्रीकल्चर प्रोडक्ट को बेहतर पहुंच देने की मांग कर रहा है.

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