कहीं आप अनजाने में चाइनीज लहसुन तो नहीं खा रहे? फंगस पाए जाने पर आयात पर लगी थी रोक; फिर भी हो रही अवैध सप्लाई
चाइनीज लहसुन में हानिकारक फंगस पाए जाने के कारण इसका आयात 2005 से प्रतिबंधित है, फिर भी अवैध सप्लाई जारी है. 2024-25 में 507 टन चीनी लहसुन जब्त किया गया. FSSAI को चेन्नई में इसकी बिक्री की शिकायत मिली, जिसके बाद DRI और क्वारंटाइन एजेंसियां निगरानी बढ़ा रही हैं.

Chinese garlic: अगर आप चाइनीज लहसुन खाते हैं, तो सावधान हो जाएं. आपकी तबीयत खराब भी हो सकती है. क्योंकि चीन से आने वाले लहसुन में हानिकारक फंगस पाए जाने के कारण इसके आयात पर प्रतिबंध लगा हुआ है. इसके बावजूद भी देश में चोरी-छिपे चीनी लहसुन की सप्लाई हो रही है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 वित्तीय वर्ष में देश में 507 टन चीनी लहसुन जब्त किया गया है. इसको देखते हुए, सरकार ने संबंधित एजेंसियों को कड़ी कार्रवाई करने और चीन से हो रही इस अवैध सप्लाई को रोकने के निर्देश दिए हैं.
लोकसभा में मंगलवार को एक लिखित जवाब में, कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि सरकार ने 6 सितंबर 2005 से चीनी लहसुन के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह फैसला चीन से आने वाले लहसुन में बार-बार Embellisia alli और Urocytsis cepulae जैसे हानिकारक फंगस पाए जाने के कारण लिया गया था. उन्होंने कहा कि सेंट्रल इनडायरेक्ट टैक्स और सीमा शुल्क बोर्ड के अनुसार, कस्टम विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 2023-24 में 546 टन चीनी लहसुन जब्त किया था.
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चेन्नई में चीनी लहसुन की हो रही बिक्री
मंत्री ने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को चेन्नई के बाजारों में चीनी लहसुन की बिक्री को लेकर शिकायत मिली है. इसके बाद, तमिलनाडु खाद्य सुरक्षा विभाग को निगरानी और जांच के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत सभी प्लांट क्वारंटाइन स्टेशनों को चीनी लहसुन के अवैध आयात को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.
कृषि उत्पादों के आयात को प्लांट क्वारंटाइन (भारत में आयात का विनियमन) आदेश, 2003 के तहत नियंत्रित किया जाता है. किसी भी कृषि उत्पाद का आयात तभी अनुमति दी जाती है जब फरीदाबाद स्थित प्लांट प्रोटेक्शन क्वारंटाइन एंड स्टोरेज निदेशालय (DPPQ&S) उसकी कीट जोखिम विश्लेषण (Pest Risk Analysis) करके आवश्यक रोकथाम उपाय सुनिश्चित करता है.
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एजेंसियां कैसे करती हैं कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि प्लांट क्वारंटाइन स्टेशन, CBIC और DRI जैसी केंद्रीय एजेंसियां कृषि उत्पादों के आयात और उनके प्रवेश के तरीके की जांच करती हैं. यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो प्लांट क्वारंटाइन आदेश, 2003 और कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाती है.
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