तंबाकू किसानों को बड़ी राहत, अब तीन साल तक मान्य रहेगा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट

भारत सरकार ने तंबाकू किसानों को बड़ी राहत दी है. अब तंबाकू किसानों को हर साल अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यु नहीं कराना होगा. अब तक इस सर्टिफिकेट की वैद्यता एक साल की रहती थी. सरकार के इस कदम से देशभर के 83,500 तंबाकू किसानों को राहत मिलेगी.

तंबाकू की खेती Image Credit: Freepik

Tobacco Farmers के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय ने देश में तंबाकू की खेती करने वाले किसानों को हर साल होने वाली दस्तावेजी कार्यवाही से आजादी दी है. तंबाकू उत्पादन के लिए किसानों को अब हर साल अपने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को रिन्यु नहीं कराना होगा. मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि तंबाकू की खेती के लिए होने वाले रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की वैधता अवधि को एक साल से बढ़ाकर तीन साल कर दिया गया है. यह फैसला करीब 83,500 किसानों को फायदा पहुंचाएगा.

मंत्रालय के मुताबिक सरकार के इस यह कदम से तंबाकू किसानों के लिए व्यापार को आसान बनाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा किसानों के समय और संसाधनों की बचत होगी. इससे किसानों को अपनी खेती की योजना बनाने में मदद मिलेगी और उन्हें सालाना नवीकरण की झंझट से मुक्ति मिलेगी. देश में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के लगभग 91,000 खलिहानों में रजिर्स्ड किसान तंबाकू की खेती करते हैं.

लंबी योजना बनाने में मिलेगी मदद

वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “इस उपाय से किसानों को हर साल अपने लाइसेंस को रिन्यु कराने के लिए होने वाली मशक्कत से मुक्ति मिलेगी. इसके साथ ही वे तीन वर्ष के लिए खेती की योजना, वित्तीय प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स का इंतजाम कर पाएंगे.

उत्पादन और निर्यात में कहां भारत

भारत दुनिया के शीर्ष तंबाकू उत्पादक देशों में शामिल है. 2023 के आंकड़ों के मुताबिक भारत तंबाकू उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा देश रहा. वहीं, तंबाकू की पत्तियों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक रहा है. 2024-25 में निर्यात ने भारतीय खजाने में लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 16,728 करोड़ रुपये का योगदान किया है. भारत में वर्जीनिया तंबाकू को तंबाकू बोर्ड अधिनियम, 1975 के तहत रेगुलेटेड किया गया है.

क्या हैं मौजूदा नियम?

तंबाकू बोर्ड अधिनियम के मुताबिक वर्जीनिया तंंबाकू की खेती करने के लिए किसानों को उत्पादक के रूप में रजिस्ट्रेशन कराना होता है. इसके तंबाकू खलिहान संचालन लाइसेंस भी कहा जाता है. वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय का तंबाकू बोर्ड वार्षिक आधार पर इन रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस को रिन्यु करता है.