ट्रंप से भी चालाक निकला ऐपल! लगा दिया iPhone का ढेर; पहले ही बना ली बुलेटप्रूफ ढाल

Apple ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने न सिर्फ उसकी मार्केट स्ट्रैटेजी को मजबूत किया है, बल्कि ग्राहकों को भी राहत की उम्मीद दी है. टैरिफ और महंगाई के इस दौर में कंपनी का ये प्लान चर्चा में आ गया है. ऐपल ने टैक्स नीति के लागू होने से पहले उठाए कदम से उसके ग्राहकों को फिलहाल राहत मिल सकती है. जानिए कैसे कंपनी ने भविष्य की तैयारी कर ली.

टैरिफ से बचने की चाल चला ऐपल Image Credit: FreePik

अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ युद्ध की तपिश जब फिर से तेज होने लगी तो दुनिया भर की कंपनियों में हड़कंप मच गया. लेकिन Apple ने इस बार जो चाल चली, उसने साबित कर दिया कि वो सिर्फ टेक्नोलॉजी में आगे नहीं है बल्कि रणनीति का उस्ताद भी है. ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए नए आयात शुल्क लागू होने से पहले ही Apple ने अमेरिका में iPhones और अन्य प्रोडक्ट्स का ऐसा ‘ढेर’ लगा दिया, जिससे टैरिफ की मार आने से पहले ही उसका गेम सेट हो गया. नतीजा ये हुआ कि जहां बाकी कंपनियां मूल्य वृद्धि की तैयारी में लगी हैं, वहीं Apple फिलहाल अपने दामों को स्थिर रखते हुए ग्राहकों की जेब पर असर नहीं पड़ने दे रहा.

टैरिफ लागू से पहले कर लिया स्टॉकपाइलिंग

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपने रिपोर्ट में सोर्स के हवाले से बताया है कि Apple ने भारत और चीन की फैक्ट्रियों से अमेरिका में बड़ी संख्या में प्रोडक्ट्स भेजे हैं. ये शिपमेंट उस वक्त किए गए जब बाजार में मांग कम थी ताकि नई टैक्स नीति लागू होने से पहले कम ड्यूटी पर स्टॉक तैयार किया जा सके. सूत्रों के अनुसार, यह रणनीति Apple को कुछ महीनों तक नए टैरिफ की लागत से बचाने में मदद करेगी.

भारत में कब बढेंगी iPhone की कीमत?

5 अप्रैल से अमेरिका में iPhones और अन्य Apple प्रोडक्ट्स पर 10 फीसदी बेसलाइन टैरिफ लागू हो गया है जबकि अलग-अलग देशों पर आधारित रेसिप्रोकल टैक्स 9 अप्रैल से प्रभाव में आ जाएंगे. हालांकि Apple ने इस आर्थिक दबाव का बोझ ग्राहकों पर डालने से अभी परहेज किया है लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं टिक सकती.

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रिपोर्ट में Apple के एक सूत्र के अनुसार, “अगर कीमतें बढ़ानी पड़ीं तो यह केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत जैसे प्रमुख बाजारों में भी असर दिखेगा.” हालांकि आखिरी निर्णय से पहले कंपनी अपनी सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग लोकेशन और अलग-अलग देशों के टैक्स स्ट्रक्चर का आकलन करेगी.

इसका मतलब यह है कि फिलहाल भारतीय ग्राहक iPhone या अन्य Apple डिवाइसेज की कीमत में बदलाव की चिंता किए बिना खरीदारी कर सकते हैं.