CEA नागेश्वरन ने इंडिया की ग्रोथ स्टोरी पर जताया भरोसा, कहा- 4 लाख करोड़ के मुहाने पर GDP
Indian Economy की ग्रोथ स्टोरी पर भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन को पूरा भरोसा है. उनका मानना है कि भारत 2030 से पहले ही 5 लाख करोड़ डॉलर का आंकड़ा छू सकती है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में ही इंडिया की जीडीपी 4 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी.
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने शुक्रवार 28 फरवरी को Real GDP डाटा पेश किया. इस डाटा के मुताबिक भारत की GDP मौजूदा वित्त वर्ष (FY 25) में 6.5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ सकती है. भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन ने इंडिया की जीडीपी ग्रोथ पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि 2030 से पहले ही भारत की जीडीपी 5 लाख करोड़ डॉलर का आंकड़ा छू सकती है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत की नॉमिनल जीडीपी 3.9 लाख करोड़ डॉलर की हो चुकी है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि मौजूदा वित्त वर्ष में ही भारत की जीडीपी 4 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी.
सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी इकोनॉमी
नागेश्वरन ने कहा कि भारत की इकोनॉमी में अक्टूबर-दिसंबर के दौरान तेजी से रिकवरी हुई है. इसके चलते FY 25 Q3 में भी भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है. नागेश्वरन ने कहा कि इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के लिए 7.6 फीसदी की अनुमानित जीडीपी ग्रोथ रेट मुश्किल नहीं लगती है.
पटरी पर है कैपेक्स
पूंजीगत व्यय (Capex) को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार का पूंजीगत व्यय पिछले वित्त वर्ष के मुताबिक सही ट्रैक पर है. चौथी तिमाही के लिए सरकार के पूंजीगत व्यय में तेजी आई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शहरी मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि मुद्रास्फीति में गिरावट का रुख है. उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति स्थिर हो रही है, हालांकि खाद्य और सोने जैसी कुछ वस्तुओं के दाम बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, जिन्हें लेकर सतर्क रहने की जरूरत है.
महाकुंभ का भी हुआ असर
CEA नागेश्वरन ने महाकुंभ के आर्थिक प्रभाव पर बोलते हुए कहा कि 60 करोड़ लोगों की आवाजाही की वजह से भारत की नॉमिनल जीडीपी में इसका साफ असर देखने को मिलेगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण मांग और शहरी मांग के कारण भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ रेट आगे भी तेज बनी रहने की उम्मीद है.
टैक्स छूट पर जताई चिंता
नागेश्वरन ने हाल में ही बजट में दी गई टैक्स छूट को शॉर्ट टर्म के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा कि उम्मीद है इस कटौती से भारत के मीडियम टर्म इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट में सुधार आएगा. इसके साथ ही उन्होंने कच्चे तेल की कीमतों के बारे में कहा कि भारत के दृष्टिकोण से तेल की कीमत अनुकूल दिशा में चल रही हैं. उन्होंने कहा कि ऊर्जा की कम कीमतें व्यापार से संबंधित प्रभावों की भरपाई कर सकती हैं.