कंबोडिया पर 49%, चीन पर 34% तो पाक पर लगाया 29% टैरिफ, लेकिन भारत पर 26% टैक्स, जानें ट्रंप क्यों हुए मेहरबान
यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई महीनों की माथापच्ची के बाद आखिरकार बुधवार की देर रात विभिन्न देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाने का ऐलान कर दिया. इस दौरान कंबोडिया समेत कुछ चुनिंदा देशों पर 49 फीसदी तक सबसे ज्यादा टैरिफ लगाया गया, हालांकि भारत को इस दौरान थोड़ी राहत दी गई, तो क्या है इसके पीछे वजह और किन देशों पर कितना लगा टैक्स, देखें पूरी लिस्ट.

Trump Reciprocal Tariff: बीते कुछ महीनों से ट्रंप टैरिफ को लेकर पूरी दुनिया में हलचल मची हुई थी. आखिरकार बुधवार की देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में पूरी दुनिया पर लगाए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान कर दिया. इससे कंबोडिया, लाओस और वियतनाम जैसे छोटे देश सबसे ज्यादा लपेटे में आए. इन पर 46% से लेकर 49% तक टैक्स लगाया गया. वहीं चीन जैसे बड़े देश पर 34% और पाकिस्तान पर 29% टैरिफ लगाया गया. हालांकि इस दौरान ट्रंप ने भारत को थोड़ी राहत देते हुए उस पर 26% टैक्स लगाया. ये 9 अप्रैल से लागू होंगे.
दुनिया के लगभग सभी देशों पर टैरिफ की बौछार करते हुए यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को फिर से समृद्ध बनाने के लिए ये कदम जरूरी है. इससे अमेरिका में नौकरियां वापस आएंगी, उद्योग फिर से खड़े होंगे और देश फिर से धनवान बनेगा. उनका मानना है कि रेसिप्रोकल टैक्स यानी जैसे को तैसा वाली नीति अपनाए जाने के बाद ही अमेरिका का सही आर्थिक विकास हो सकेगा, क्योंकि अभी तक बहुत से देश यूएस पर जरूरत से ज्यादा टैरिफ लगा रहे थे.
पीएम मोदी को बताया अपना दोस्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी उनके अच्छे दोस्त हैं. ऐसे में भारत पर टैरिफ लगाने का फैसला बहुत मुश्किल था, लेकिन भारत अच्छा मित्र होने के बावजूद अमेरिका के लिए सख्त रवैया अपना रहा है, ऐसे में रेसिप्रोकल टैरिफ लगाना जरूरी है. ट्रंप ने कहा कि इसके बावजूद भारत पर महज 26 फीसदी की दर से टैरिफ लगाया जा रहा है, जो काफी रियायती है.
सबसे ज्यादा किस पर लगा टैरिफ?
कुछ छोटे देशों को सबसे ज्यादा टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान के तहत कंबोडिया पर सबसे ज्यादा 49%, लाओस पर 48%, वियतनाम पर 46% और मेडागास्कर पर 47% शुल्क लगाया है. वहीं, ब्रिटेन, ब्राजील, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों पर सबसे कम महज 10% का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. ट्रंप ने बुधवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लगभग 180 से ज्यादा देशों पर नए टैरिफ यानी आयात शुल्क का ऐलान किया है.
किस देश पर कितना लगा टैक्स?
- चीन: 34%
- यूरोपीय संघ: 20%
- वियतनाम: 46%
- ताइवान: 32%
- जापान: 24%
- भारत: 26%
- दक्षिण कोरिया: 25%
- थाईलैंड: 36%
- स्विट्ज़रलैंड: 31%
- इंडोनेशिया: 32%
- मलेशिया: 24%
- कंबोडिया: 49%
- यूनाइटेड किंगडम: 10%
- दक्षिण अफ्रीका: 30%
- ब्राज़ील: 10%
- बांग्लादेश: 37%
- सिंगापुर: 10%
- इजराइल: 17%
- फिलीपींस: 17%
- चिली: 10%
- ऑस्ट्रेलिया: 10%
- पाकिस्तान: 29%
- टर्की: 10%
- श्रीलंका: 44%
- कोलंबिया: 10%
- लेकिन: 10%
- निकारागुआ: 18%
- नॉर्वे: 15%
- कोस्टा रिका: 10%
- जॉर्डन: 20%
- डोमिनिकन गणराज्य: 10%
- संयुक्त अरब अमीरात: 10%
- न्यूजीलैंड: 10%
- अर्जेंटीना: 10%
- इक्वाडोर: 10%
- ग्वाटेमाला: 10%
- होंडुरास: 10%
- मेडागास्कर: 47%
- म्यांमार (बर्मा): 44%
- ट्यूनीशिया: 28%
- कजाकिस्तान: 27%
- सर्बिया: 37%
- मिस्र: 10%
- सऊदी अरब: 10%
- उद्धारकर्ता: 10%
- आइवरी कोस्ट: 21%
- लाओस: 48%
- बोत्सवाना: 37%
- त्रिनिदाद और टोबैगो: 10%
- मोरक्को: 10%
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क्या होता है रेसिप्रोकल टैरिफ?
रेसिप्रोकल टैरिफ का मतलब है व्यापार में बराबरी का जवाब देना. आसान शब्दों में कहें तो ये “जैसे को तैसा” वाली नीति है. अगर कोई देश आपके सामान पर भारी टैक्स लगाता है, तो आप भी उसके सामान पर वैसा ही टैक्स लगा दो. इसी नीति पर चलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी विभिन्न देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. उदाहरण के तौर पर अगर कोई देश अमेरिका पर 100% टैरिफ लगाता है, तो वो उस देश से “रियायती” रेसिप्रोकल टैरिफ वसूलेंगे, यानी आधा.
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