चित्तौड़ का किला, सूर्य मंदिर, कुतुबमीनार और ताजमहल से इतनी होती है कमाई, जानें कौन बना सरकार के लिए कुबेर

वित्तीय वर्ष FY24 में अकेले ताजमहल ने टिकटों की बिक्री से लगभग 98.5 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई की है. यह आंकड़ा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित सभी स्मारकों में सबसे अधिक है. इसकी जानकारी केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी. ऐसे में आइए जानते हैं कि दूसरे स्मारकों की स्थिति क्या रही है.

कौन बना सरकार के लिए कुबेर Image Credit: social media

Taj Mahal Revenue: ताजमहल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह न सिर्फ देश की पहचान है, बल्कि देश के सबसे कमाऊ ऐतिहासिक स्थलों में से एक भी है. दरअसल, वित्तीय वर्ष 2023-24 (FY24) में अकेले ताजमहल ने टिकटों की बिक्री से 98,55,27,533 रुपये (लगभग 98.5 करोड़ रुपये) की रिकॉर्ड कमाई की है. यह आंकड़ा सभी ASI (Archaeological Survey of India) के संरक्षित स्मारकों में सबसे अधिक है.

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी. जब उनसे पिछले पांच सालों में ASI द्वारा टिकट बिक्री से हुई इनकम और सबसे ज्यादा कमाई करने वाले स्मारकों की जानकारी मांगी गई.

पिछले 5 सालों में 297 करोड़ रुपये की कमाई

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ताजमहल ने बीते पांच वर्षों में कुल 297 करोड़ रुपये की आय सिर्फ टिकट बिक्री से की है. वहीं, FY24 में ही इसे देखने के लिए 67,80,215 लोग पहुंचे, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा है. बता दें, FY20 में भी ताजमहल की कमाई 97.11 करोड़ रुपये रही थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते अगले दो वर्षों में संख्या घट गई. अब, FY24 में एक बार फिर इसकी कमाई ने नया रिकॉर्ड बनाया है.


FY24 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टॉप 10 ASI संरक्षित स्मारक

क्रम सं.जगहस्मारकराजस्व (करोड़ रुपये में)
1आगराताज महल98.5
2दिल्लीकुतुब मीनार23.8
3दिल्लीलाल किला18.0
4आगराआगरा किला15.3
5भुवनेश्वरसूर्य मंदिर, कोणार्क12.7
6दिल्लीहुमायूं का मकबरा10.0
7चेन्नईस्मारक समूह, मामल्लपुरम7.4
8औरंगाबादएलोरा की गुफाएं7.1
9आगराफतेहपुर सीकरी6.7
10जोधपुरचित्तौड़गढ़ किला4.3

ताजमहल के बारे में

सफेद संगमरमर से बने इस विशाल मकबरे को मुगल बादशाह शाहजहाँ ने 17वीं सदी में अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया. यह उत्तर प्रदेश में आगरा के यमुना नदी के किनारे स्थित है. इस मकबरे में आपको मुगल, फारसी, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला की शैलियों का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. इसे साल 1983 में UNESCO ने विश्व धरोहर घोषित किया और भारत में मुस्लिम कला का रत्न बताया. खास बात यह भी है कि यह विश्व के सात आश्चर्यों में से एक है. हर साल यह अपनी खूबसूरती के कारण लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है.

इसे भी पढ़ें- RBI जारी करेगा 10 और 500 रुपये के नए नोट, जानें- पुराने से कितना होगा अलग