साल 2034 तक भारत को चाहिए 21000 नए पायलट, जानें कैसे करें इस मौके के लिए तैयारी और कितनी होगी सैलरी
भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और 2034 तक 21,000 से ज्यादा पायलटों की जरूरत होगी. अगर आप भी आसमान की ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं, तो जानिए पायलट बनने की योग्यता, ट्रेनिंग और सैलरी से जुड़ी सभी जरूरी अहम जानकारी.

आसमान की ऊंचाइयों को छूने का सपना देखने वालों के लिए यह शानदार अवसर है. भारत में तेजी से बढ़ती एविएशन इंडस्ट्री को 2034 तक 21000 से ज्यादा पायलटों की जरूरत होगी. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हाल ही में जानकारी दी कि स्पाइसजेट को अगले 10 सालों में 1,630 पायलटों की आवश्यकता होगी, अकासा एयर की तत्काल कोई मांग नहीं है, एयर इंडिया एक्सप्रेस को वित्तीय वर्ष (FY) 2028 तक 2,196 पायलटों की जरूरत होगी. वहीं देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो आने वाले वर्षों में 11,778 पायलटों की हायरिंग करेगा और टाटा ग्रुप की एयर इंडिया 5870 नए पायलट कंपनी में लाएगी. इस मांग को देखते हुए अब युवाओं के पास एक बेहतरीन करियर विकल्प खुला है. अगर आप भी पायलट बनने की ख्वाहिश रखते हैं, तो जानिए इसकी पूरी प्रक्रिया, योग्यता और पायलट की सैलरी से जुड़ी अहम जानकारी.
कैसे बन सकते हैं पायलट?
पायलट बनने के लिए आपको एक निश्चित प्रक्रिया से गुजरना होता है. इसमें शिक्षा, मेडिकल सर्टिफिकेशन, उड़ान प्रशिक्षण और विभिन्न लाइसेंस हासिल करना शामिल है.
- योग्यता पूरी करें: 10+2 में फिजिक्स और गणित अनिवार्य विषयों के रूप में होने चाहिए.
- मेडिकल सर्टिफिकेट लें: DGCA द्वारा मान्यता प्राप्त क्लास 2 मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी होता है.
- फ्लाइंग स्कूल में प्रवेश लें: किसी डीजीसीए-मान्यता प्राप्त उड़ान एकेडमी में दाखिला लें.
- ग्राउंड ट्रेनिंग पूरी करें: उड़ान के सिद्धांतों, एयर नेविगेशन और सुरक्षा नियमों की पढ़ाई करनी होती है.
- फ्लाइट ऑवर्स पूरे करें: एक निश्चित संख्या में उड़ान घंटे (फ्लाइंग ऑवर्स) पूरे करने होते हैं.
- परीक्षाएं पास करें: लिखित और एग्जाम पास करनी होती है.
- लाइसेंस हासिल करें: पायलट बनने के लिए आपको अलग-अलग लेवल के लाइसेंस लेने पड़ते हैं.
पायलट बनने के लिए जरूरी लाइसेंस
- स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (SPL) – 16 वर्ष की उम्र में ही इसे लिया जा सकता है.
- प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) – 17 साल की उम्र में यह लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन इससे व्यवसायिक उड़ान नहीं भरी जा सकती.
- कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) – 18 साल की उम्र में इसे लेने के बाद ही व्यावसायिक उड़ान भरने की अनुमति मिलती है.
पायलट बनने के लिए आवश्यक शारीरिक योग्यताएं
- न्यूनतम 152.5 सेमी (5 फीट) की ऊंचाई जरूरी होती है.
- वजन BMI स्केल के अनुसार संतुलित होना चाहिए (18.5 – 25 के बीच).
- अच्छी दृष्टि क्षमता होनी चाहिए (सुधार योग्य 6/6).
- अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान (लिखित और मौखिक दोनों).
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भारत में पायलट की सैलरी कितनी होती है?
पायलट की सैलरी उसके अनुभव, एयरलाइन और उड़ान के प्रकार पर निर्भर करती है. क्योंकि DGCA ने जानकारी दी है कि कमर्शियल कंपनियों को पायलट की जरूरत होगी तो यहां हम केवल कमर्शियल एयरलाइन पायलट की सैलरी बता रहे हैं.
- फर्स्ट ऑफिसर (शुरुआती स्तर) – ₹1.5 लाख से ₹3 लाख प्रति माह
- अनुभवी कैप्टन – ₹5 लाख से ₹10 लाख प्रति माह
- सीनियर कैप्टन (अंतरराष्ट्रीय उड़ानें) – ₹20 लाख तक प्रति माह
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