Services PMI मार्च में घटकर 58.5 पर पहुंचा, मांग में कमी, मजबूती बरकरार
मार्च 2025 में भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि में कमी आई है. HSBC की तरफ से जारी PMI सर्वे के मुताबिक सूचकांक 58.5 पर आ गया, जो पिछले महीने के 59 से कम है. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग में थोड़ी कमी आई है, लेकिन फिर भी इंडेक्स मजबूत बना हुआ है. इसकी वजह से नौकरी के नए अवसरों में कमी आई. हालांकि, व्यावसायिक विश्वास अब भी कायम है.
भारत में सेवा क्षेत्र की ग्रोथ में मार्च में थोड़ी कमजोरी देखने को मिली है. HSBC की तरफ से जारी किए जाने वाले PMI यानी परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स के मुताबिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग में कमी आई है. शुक्रवार को जारी सर्वे के नतीजों के मुताबिक मार्च में भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि धीमी रही, जिसका सबसे बड़ा कारण घरेलू कारोबारी गतिविधि और बिक्री में कमी रही. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों में 15 महीनों में सबसे कमजोर विस्तार देखा गया गया है.
कितना घटा सर्विसेज PMI
एसएंडपी ग्लोबल की तरफ से कंपाइल्ड एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स फरवरी में 59 और जनवरी में 56.5 से घटकर मार्च में 58.5 हो गया है. हालांकि, विस्तार और संकुचन को अलग करने वाली 50 अंक की सीमा से यह अब भी काफी ऊपर बना हुआ है. दिसंबर 2024 में यह सूचकांक 59.3, नवंबर में 58.4, अक्टूबर में 58.5 और सितंबर में 57.7 पर रहा. सर्वेक्षण के मुताबिक मार्च में बाहरी ऑर्डर में दिसंबर 2023 के बाद सबसे कम मिले हैं.
लागत दबाव में आई कमी
सर्वे से यह भी पता चला है कि लागत दबाव पांच महीने के निचले स्तर पर आ गया है, जिसने प्रतिस्पर्धी स्थितियों के साथ मिलकर शुल्क मुद्रास्फीति पर अंकुश लगा है. इसके साथ ही सेवाओं के प्रावधान के लिए लगाए गए मूल्य सितंबर 2021 के बाद से सबसे कम दर से बढ़े हैं.
नौकरी के अवसर घटे
HSBC के मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी के मुताबिक भारत का सर्विस पीएमआई मार्च 2025 में घटकर 58.5 हो गया, जो पिछले महीने की तुलना में थोड़ा कम है. भारत का सेवा क्षेत्र, इसकी अर्थव्यवस्था का अहम स्तंभ है, इसका GDP आधे से अधिक का योगदान देता है. भंडारी का कहना है कि ज्यादा चिंता की बात यह है कि मार्च के दौरान रोजगार के अवसर घटे हैं. हालांकि, भविष्य की ओर देखें तो, व्यवसायिक भावना आम तौर पर सकारात्मक बनी हुई है, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा बड़ी चुनौती पेश कर रही है.