पीयूष गोयल के स्टार्टअप बयान पर मचा बवाल, अशनीर ग्रोवर सहित जेप्टो सीईओ ने दिया जवाब

पीयूष गोयल ने स्टार्टअप महाकुंभ 2025 में अपने संबोधन में इंडियन स्टार्टअप को लेकर काफी कुछ कहा था. उनके बयान के बाद कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं भी दी. कुछ ने उनका समर्थन किया तो कुछ ने आलोचना. आइए जानते हैं अशनीर ग्रोवर ने क्या कहा.

पीयूष गोयल का बयान Image Credit: @Money9live

Piyush Goyal Startup statement: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ 2025 में स्टार्टअप्स को लेकर कई बातें कही. उनके बयान के बाद कई लोगों ने उनकी तारीफ की तो कइयों ने उन्हें गलत बताते हुए उनको जवाब दिया. गोयल के बयान पर स्टार्टअप के मालिक और मार्केट लीडर्स ने रिएक्ट करते हुए उसपर प्रतिक्रिया दी. उन्हीं कुछ लोगों में से एक भारतपे के पूर्व  सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर भी हैं.

गोयल ने अपने संबोधन में कहा था कि क्या हमें आइसक्रीम या कुकीज बनाना है. क्या हम सिर्फ चीजें बेच रहे हैं. उन्होंने भारतीय स्टार्टअप्स को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और एआई जैसे सेक्टर में आगे बढ़ने की अपील की. इसी के साथ उन्होंने फूड डिलीवरी और फैंटेसी स्पोर्ट्स एप्लीकेशन की आलोचना करते हुए पूछा “दुकानदारी ही करनी है?”

क्या कहा अशनीर ग्रोवर ने?

गोयल के बयान पर टिप्पणी करते हुए अशनीर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत में केवल एक पॉलिटिशियन ही हैं जिन्हें रियलिटी चेक की जरूरत है. भारत में बाकी सभी लोगों को उनकी असलियत मालूम है.” इसी के साथ उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग पावर चीन का उदाहरण दिया.

कहा “चीन ने भी पहले फूड डिलीवरी का काम किया फिर डीप टेक तक पहुंचे. उन्होंने जो भी किया है वह काफी शानदार है. शायद पॉलिटिकल नेताओं के लिए आज के नौकरी ढूंढने वालों को डांटने से पहले 20 साल तक 10 फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर के बारे में सोचना चाहिए.” उन्होंने आगे लिखा कि इस हेल्दी बातचीत को शुरू करने के लिए मंत्री महोदय को धन्यवाद.

जेप्टो सीईओ ने भी रखी अपनी बात

गोयल की बात पर केवल अशनीर ही नहीं बल्कि क्विक डिलीवरी कंपनी जेप्टो सीईओ आदित पलिचा ने भी अपनी बात कही. उन्होंने एक्स पर लिखा, “भारत के पास अपना खुद का बड़े पैमाने का आधारभूत एआई मॉडल क्यों नहीं है? ऐसा इसलिए है क्योंकि हमने अभी तक अच्छी इंटरनेट कंपनियां नहीं बनाई हैं.”

“भारत में कंज्यूमर इंटरनेट स्टार्टअप की आलोचना करना आसान है खासकर जब आप उनकी तुलना अमेरिका या चीन में हो रही डीप-टेक की सफलता से करते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि आज जेप्टो पर लगभग 1.5 लाख असली लोग अपनी आजीविका कमा रहे हैं.”