Citi का अनुमान RBI इस साल तीन बार घटाएगा ब्याज दर, क्या टैरिफ की जंग में आपकी जेब बनेगी ‘विजेता’?
US President Donald Trump की तरफ से छेड़ी गई टैरिफ की जंग में आम भारतीयों की जेब असली विजेता बन सकती है. Citi Research की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक इस साल ब्याज दर में तीन बार कटौती कर सकता है.
Citi बैंक के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से लगाए गए टैरिफ की वजह से भारत की आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं में गिरावट आ सकती है. इससे निपटने के लिए RBI इस साल तीन बार कटौती करते हुए ब्याज दरों को 75 आधार अंक तक घटा सकता है. इसके साथ ही Citi ने इस वर्ष के लिए ब्याज दर में कुल 100 आधार अंकों की कमी का अनुमान लगाया है. Citi का यह अनुमान JPMorgan और Nomura के अनुमानों के मुताबिक है.
घटेगी भारत की इकोनॉमी
Citi के भारत के लिए मुख्य भारत अर्थशास्त्री समीरन चक्रवर्ती ने एक रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि अमेरिका की तरफ से लगाए गए 27% के टैरिफ से 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि लगभग 40 आधार अंकों तक घट सकती है. इसके साथ ही अनुमान जताया है कि इस वर्ष के RBI की तरफ से ब्याज दरो में कुल 100 आधार अंकों की कटौती की जा सकती है. रिजर्व बैंक ने फरवरी में रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती कर चुका है. इस तरह अब 75 आधार अंक की कटौती होने का अनुमान है.
भारत के निर्यात पर होगा असर
चक्रवर्ती का कहना है कि अगर इन टैरिफ की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आती है, तो संभावित रूप से इसका भारत के निर्यात पर बड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा, टैरिफ की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में उपजी अनिश्चितता की स्थिति से निजी निवेश के इरादे कमजोर हो रहे हैं.
इकोनॉमी 6.7% की दर से बढ़ने का अनुमान
फरवरी में जारी केंद्रीय बैंक के अनुमान के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था में 6.7% की वृद्धि होने का अनुमान है. इस वर्ष मुद्रास्फीति औसतन 4.2% रहने की संभावना है, जिससे RBI के लिए दरों में कटौती की गुंजाइश बनी हुई है. RBI की दर निर्धारण समिति अगले सप्ताह बैठक करेगी, जिसमें 9 अप्रैल को निर्णय की घोषणा की जाएगी. वहीं, रॉयटर्स की तरफ से अर्थशास्त्रियों के एक सर्वेक्षण में सामने आया है है कि रिजर्व बैंक 9 अप्रैल को होने वाली बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती कर सकती है.
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