RBI जारी करेगा 10 और 500 रुपये के नए नोट, जानें- पुराने से कितना होगा अलग
RBI New Currency: उन्होंने छह साल तक गवर्नर रहे शक्तिकान्त दास की जगह ली थी. रिजर्व बैंक के पास ही देश में करेंसी जारी करने का अधिकार है. रिजर्व बैंक अपनी क्लीन नोट पॉलिसी के अनुसार, जनता को अच्छी क्वालिटी वाले बैंक नोट उपलब्ध कराता है.
RBI New Currency: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को कहा कि वह जल्द ही महात्मा गांधी (नई) सीरीज के तहत 10 और 500 रुपये के नोट जारी करेगा, जिन पर नए गवर्नर संजय मल्होत्रा के साइन होंगे. केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि इन नोटों का डिजाइन सभी तरह से महात्मा गांधी (नई) सीरीज के 10 और 500 रुपये के मौजूदा बैंक नोटों के समान हैं. नए नोट जारी होने के बावजूद रिजर्व बैंक द्वारा पहले जारी किए गए 10 रुपये और 500 रुपये मूल्य वर्ग के सभी बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे.
नए नोट में क्या बदलेगा
रिजर्व बैंक ने पिछले महीने गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर वाले 10 और 200 रुपये के बैंक नोट जारी करने की घोषणा की थी. मल्होत्रा ने दिसंबर, 2024 में आरबीआई गवर्नर का पद संभाला था. इस बार जारी होने वाले नोट पर एक बदलाव देखने को मिलेगा और वो है गवर्नर का साइन. यानी नए नोट पर संजय मल्होत्रा के साइन होंगे.
RBI के पास है करेंसी जारी करने का अधिकार
उन्होंने छह साल तक गवर्नर रहे शक्तिकान्त दास की जगह ली थी. रिजर्व बैंक के पास ही देश में करेंसी जारी करने का अधिकार है.
अधिनियम की धारा 22 के अनुसार, भारत में बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार रिजर्व बैंक को है. धारा 25 में कहा गया है कि बैंक नोटों का डिजाइन, रूप और सामग्री ऐसी होगी जिसे आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड द्वारा की गई सिफारिशों पर विचार करने के बाद केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया जा सकता है.
किसकी मंजूरी के बाद छपते हैं नोट
केंद्र सरकार और अन्य हितधारकों से सलाह से रिजर्व बैंक एक वर्ष में मूल्यवर्ग के हिसाब से आवश्यक बैंक नोटों की मात्रा का अनुमान लगाता है और बैंक नोटों की सप्लाई के लिए अलग-अलग करेंसी प्रिंटिंग प्रेसों के साथ मांगपत्र प्रस्तुत करता है. रिजर्व बैंक अपनी क्लीन नोट पॉलिसी के अनुसार, जनता को अच्छी क्वालिटी वाले बैंक नोट उपलब्ध कराता है.
इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रचलन से वापस प्राप्त बैंक नोटों की जांच की जाती है और चलन के लिए उपयुक्त नोटों को फिर से जारी किया जाता है. जबकि अन्य (गंदे और कटे-फटे) नोटों को नष्ट कर दिया जाता है ताकि चलन में बैंक नोटों की क्वालिटी बनी रहे.
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