Q3 2024-25 में भारत का CAD बढ़कर 11.5 अरब डॉलर हुआ, जीडीपी के एक फीसदी जितना हुआ: RBI रिपोर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक Q3 2024-25 में भारत का चालू खाता घाटा बढ़कर 11.5 अरब डॉलर हो गया है. यह Q3 2023-24 के 10.4 अरब डॉलर से अधिक है, लेकिन Q2 2024-25 के 16.7 अरब डॉलर से कम है.

आयात बिल बढ़ने से बढ़ा चालू खाता घाटा Image Credit: freepik

रिजर्व बैंक ने शुक्रवार 28 मार्च को भारत के आयात-निर्यात से जुड़े अहम आंकड़े पेश किए. RBI के आंकड़ों के मुताबिक Q3 2024-25 में भारत CAD यानी चालू खाता घाटा बढ़कर 11.5 अरब डॉलर हो गया है. यह GDP का 1.1% हो गया है. यह Q3 2023-24 के 10.4 अरब डॉलर से ज्यादा है, लेकिन Q2 2024-25 के 16.7 अरब डॉलर से कम है. इस दौरान माल व्यापार घाटा बढ़ा है. जबकि, इस दौरान सेवा निर्यात में वृद्धि हुई है. इसके अलावा FDI और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश FPI में भी बदलाव देखे गए हैं, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार में भी कमी आई है.

माल व्यापार घाटा बढ़ा

भारत के CAD में बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण माल व्यापार घाटा यानी Merchandise Trade Deficit है. यह इस तिमाही में 79.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 71.6 अरब डॉलर रहा था. हालांकि, सेवा क्षेत्र से Net Services Receipts 51.2 अरब डॉलर तक बढ़ीं, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 45.0 अरब डॉलर रही थीं. इस वृद्धि में व्यापार, कंप्यूटर, परिवहन और यात्रा सेवाओं के निर्यात का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. ​

प्रवासी भारतीयों ने बढ़ाया पेमेंट

प्रवासी भारतीयों की तरफ से भेजी गई Personal Transfer Receipts बढ़कर 35.1 अरब डॉलर हो गईं हैं, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 30.6 अरब डॉलर थीं. हालांकि, प्राथमिक आय खाते यानी Primary Income Account में ने आउटफ्लो 16.7 अरब डॉलर तक बढ़ गया है, जो मुख्यतः निवेश आय भुगतान को दर्शाता है. ​

FDI का आउटफ्लो बढ़ा

Financial Account में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI में 2.8 अरब डॉलर का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया है, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में 4.0 अरब डॉलर का नेट आउटफ्लो रहा था. इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश यानी FPI में 11.4 अरब डॉलर का नेट आउटफ्लो हुआ, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 12.0 अरब डॉलर रहा था.