IGI Airport पर बंद होने जा रहा टर्मिनल 2, जानें कहां से ऑपरेट होंगी डोमेस्टिक फ्लाइट; क्या है DIAL का प्लान?
देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे IGI Airport के टर्मिनल 2 को बंद किया जा रहा है. इस टर्मिनल का इस्तेमाल डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए किया जाता है. एयरपोर्ट को चलाने वाली कंपनी DIAL ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह टर्मिनल करीब 5 महीने तक बंद रहेगा.
दिल्ली के IGI Airport को चलाने वाली कंपनी Delhi International Airport Ltd (DIAL) ने बुधवार को बताया कि टर्मिनल 2 को अगले 4-5 महीने के लिए बंद किया जा रहा है. इस टर्मिनल को फिलहाल डोमेस्टिक उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. कंपनी ने बताया कि टर्मिनल और इससे जुड़े रनवे को अपग्रेड किया जा रहा है. इसके लिए इसे अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है. इसके साथ ही DIAL ने बताया कि टर्मिनल रेनोवेशन के लिए बंद चल रहे टर्मिनल 1 को 15 मार्च से खोल दिया जाएगा. इसके बाद जब टर्मिनल 2 को बंद किया जाएगा, तो वहां से संचालित होने वाली उड़ानों का ऑपरेशन टर्मिनल 1 पर शिफ्ट कर दिया जाएगा.
राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) में तीन टर्मिनल हैं. इनकी कुल वार्षिक यात्री हैंडलिंग क्षमता फिलहाल करीब 10.9 करोड़ है. इस एयरपोर्ट से फिलहाल प्रतिदिन 1,300 से ज्यादा फ्लाइट का संभालता होता है. IGI को दुनिया के बड़े एविएशन सेंटर के तौर पर डेवलप करने के लिए DIAL ने अगले वित्त वर्ष के अंत तक चार स्लॉट बैंक बनाने का लक्ष्य भी रखा है. आम तौर पर स्लॉट बैंकों को कुशल उड़ान कनेक्शन के लिए विशेष टाइम विंडो के तौर पर दर्शाया जाता है.
PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरियार ने बताया कि टी-1 के 15 मार्च से खुलने की उम्मीद है. जल्द ही मंजूरी मिलने के बाद इसे उड़ानों के लिए खोल दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि टी-2 को अप्रैल में चार से पांच महीने के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा. टी-2 के करीब 1.5 करोड़ यात्रियों के भार को टी-1 पर स्थानांतरित किया जाएगा.
एयरपोर्ट की 20 फीसदी क्षमता का हो रहा इस्तेमाल
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि बढ़ते एयर ट्रैफिक को कुशलता से संभालने के लिए टी3 के एक सेक्शन को इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए तैयार किया जाएगा. फिलहाल, यहां से डोमेस्टिक फ्लाइट्स चलाई जा रही हैं. जयपुरिया ने बताया कि IGI पर प्रतिदिन यात्रियों का औसत भार 67,000 से 68,000 है. अगर इसे 365 से गुणा करते हैं, तो यह लगभग 2.4 करोड़ होता है. जबकि, अकेले टर्मिनल टी 3 की क्षमता 2 करोड़ यात्रियों को संभालने की है. इस तरह देखा जाए, तो एयरपोर्ट की वास्तविक क्षमता का सिर्फ 20 फीसदी उपयोग किया जा रहा है.
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की क्षमता बढ़ाने पर जोर
जयपुरिया का कहना है कि चूंकि यात्री भार एयरपोर्ट की क्षमता के लिहाज से काफी कम है. ऐसे में टर्मिनल 3 पर इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेट करने की क्षमता बढ़ाने की योजना है. अगर इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो एयरपोर्ट की इंटरनेशनल यात्रियेां को संभालने की क्षमता बढ़कर 3.2 करोड़ हो जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि फिलहाल, T1 की क्षमता 4 करोड़ यात्रियों को संभालने की है, जबकि T2 पर 1.5 करोड़ यात्रियों को संभाला जा सकता है.
रनवे भी होगा अपग्रेड
जयपुरिया ने बताया कि टी2 से जुड़े एक रनवे को भी अपग्रेड किया जा रहा है. यह काम सर्दियां शुरू होने से पहले पूरा करना है. इस एयरपोर्ट को CAT III B सक्षम बनाया जाएगा, ताकि कम विजिबिलिटी के दौरान भी यहां आसानी से लैंडिंग हो पाए.