मार्च से बदल जाएंगे ये नियम; म्युचुअल फंड, FD, UPI सभी में होगा चेंज

1 मार्च 2025 से म्युचुअल फंड नॉमिनेशन, एलपीजी सिलेंडर कीमतें, एफडी ब्याज दरें, यूपीआई पेमेंट, टैक्स नियम और जीएसटी पोर्टल से जुड़े कई अहम बदलाव लागू होंगे. नए नियम निवेशकों, टैक्सपेयर्स और आम जनता की वित्तीय योजनाओं को प्रभावित करेंगे.

नए नियम निवेशकों, टैक्सपेयर्स और आम जनता की वित्तीय योजनाओं को प्रभावित करेंगे. Image Credit: Deepak Sethi/E+/Getty Images

मार्च से कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है , जिससे आम जनता और निवेशकों पर सीधा प्रभाव पड़ता है इसके तहत म्युचुअल फंड, बैंक एफडी, यूपीआई पेमेंट सभी में अहम बदलाव होने जा रहा है. ऐसे में एक मार्च से लागू होने वाले इन नियमों के अनुसार अपनी वित्तीय योजनाओं में जरूरी बदलाव करें. तो आइए इनके बारें में जानते हैं.

म्युचुअल फंड और डिमैट अकाउंट नॉमिनेशन के नए नियम

सेबी ने 1 मार्च 2025 से म्युचुअल फंड और डिमैट अकाउंट में नामांकन (Nomination) के नियमों में बदलाव किया है. अब निवेशक अधिकतम 10 नॉमिनी जोड़ सकते हैं और प्रत्येक नॉमिनी के लिए प्रतिशत आवंटन पहले से तय कर सकेंगे. इस बदलाव से निवेशकों के लिए संपत्ति का डिटेल और मैनेजमेंट आसान होगा.

क्या बदलेंगी LPG सिलेंडर की कीमतें?

हर महीने की शुरुआत में तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी करती हैं. 1 मार्च को सुबह 6 बजे घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट अपडेट किए जाएंगे. इसके अलावा, एयर टर्बाइन फ्यूल, सीएनजी और पीएनजी के दामों में भी बदलाव संभव है.

एफडी की इंटरेस्ट रेट होगा बदलाव

1 मार्च से बैंकों की एफडी दरों (FD Rates) में बदलाव हो सकता है. हाल ही में कई बैंकों ने ब्याज दरों को संशोधित किया है. ग्राहक अपने बैंक से संपर्क कर नए ब्याज दरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

यूपीआई पेमेंट से जुड़े नए नियम

बीमा प्रीमियम भुगतान को सरल बनाने के लिए यूपीआई (UPI) से जुड़े नियमों में बदलाव संभव है. बीमा-ASB को यूपीआई सिस्टम से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे बीमा भुगतान और भी आसान हो जाएगा.

ये भी पढ़ें- दुनिया में भारतीय खिलौने की मांग 40 फीसदी बढ़ी, 2032 तक सरकार का ग्लोबल हब बनाने का प्लान

टैक्स नियमों में बदलाव

टैक्सपेयर्स के लिए 1 मार्च से नई टैक्स स्लैब और टीडीएस (TDS) लिमिट में बदलाव लागू हो सकते हैं. सीनियर सिटीजन के लिए टीडीएस छूट सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की जा सकती है, जिससे टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी.

जीएसटी पोर्टल की सुरक्षा होगी मजबूत

बिजनेस मैन के लिए GST पोर्टल को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा. अब मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) अनिवार्य होगा, जिससे जीएसटी पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित हो जाएगी.