नैनीताल में घूमना हुआ महंगा, शहर में इंट्री लेते ही देने होंगे 300 रुपये, पार्किंग पर लगेगा मोटा पैसा
अब नैनीताल घूमना हुआ महंगा क्योंकि वहां की नगर पालिका ने शहर में प्रवेश के लिए शुल्क 120 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया है. वहीं, कार पार्किंग के लिए पर्यटकों को हर दिन 500 रुपये तक देने होंगे. यह बदलाव उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद हुआ जब नगर पालिका को पार्किंग और चुंगी का संचालन खुद करने का निर्देश दिया गया था.
Visiting Nainital: अगर आप इस साल अपनी गर्मियों की छुट्टियां सरोवर नगरी नैनीताल में बिताने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल, नैनीताल घूमने आने वाले पर्यटकों को अब अपनी जेब और ढीली करनी होगी, क्योंकि नैनीताल नगर पालिका ने प्रवेश शुल्क में 180 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. पहले जहां प्रवेश शुल्क 120 रुपये था, वहीं अब इसे 300 रुपये कर दिया गया है. साथ ही, पार्किंग शुल्क भी बढ़ा दिया गया है, जिसके तहत पर्यटकों को अब कार पार्किंग के लिए 500 रुपये देने होंगे.
यह बदलाव उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद आया , जिसमें नगर पालिका को पार्किंग और चुंगी का संचालन खुद करने का निर्देश दिया गया था.
कितना लगेगा पैसा?
नगर पालिका के चेयरमैन डॉ. सरस्वती खेतवाल की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में यह तय किया गया कि नैनीताल शहर में बाहर से आने वाले वाहनों के लिए ऑनलाइन भुगतान करने पर 300 रुपये और कैश भुगतान करने पर 500 रुपये का शुल्क लिया जाएगा. वहीं, कार पार्किंग के लिए 500 रुपये और बाइक पार्किंग के लिए 50 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है.
बाइक चालकों से भी वसूला जाएगा शुल्क
नैनीताल आने वाले पर्यटकों की बाइक के लिए 100 रुपये टोल टैक्स तय किया गया है, जबकि टैक्सी बाइकों से सालाना 1300 रुपये शुल्क लिया जाएगा. इसके अलावा, नैनीताल शहर के स्थानीय लोगों से प्रति चक्कर 200 रुपये और सालाना पास के लिए 800 रुपये का शुल्क लिया जाएगा. नैनीताल स्थित कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए विभागीय दस्तावेज सत्यापन के बाद 5000 रुपये का सालाना पास जारी किया जाएगा.
पर्यटन को लगेगा झटका
बोर्ड बैठक के इस निर्णय से उत्तराखंड में पर्यटन को बड़ा झटका लग सकता है. पहले ही नैनीताल आने वाले पर्यटकों को रास्ते में कई टोल प्लाजा पर कर चुकाना पड़ता है, उसके बाद उन्हें यहां आकर ब्रिज चुंगी का कर और अब यह नया शुल्क देना होगा, जिससे पर्यटकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
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