ट्रंप ने चुपके से दिया भारत को फायदा; बांग्लादेश, वियतनाम, चीन की बजेगी बैंड, चला मोदी मैजिक !
यदि टैरिफ लंबे समय तक लागू रहते हैं, तो भारत अन्य देशों की तुलना में अधिक कंपीटेटिव हो सकता है. भारत पर 26% टैरिफ लगाया गया है, जबकि वियतनाम (46%), बांग्लादेश (37%), कंबोडिया (49%), चीन (34%), और पाकिस्तान (29%) पर इससे अधिक शुल्क है. इसका मतलब यह है कि भारत अमेरिकी बाजार में अपेक्षाकृत सस्ता विकल्प बन सकता है.

USA Trump Reciprocal Tax: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान के बाद दुनियाभर के बाजारों में हलचल मच गई है. भारत में भी इसका असर देखा जा रहा है. ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जो कि यूरोपीय संघ (20फीसदी) से अधिक है, लेकिन अन्य देशों की तुलना में कम है. जिसमें वियतनाम 46 फीसदी, बांग्लादेश 37 फीसदी, कंबोडिया 49 फीसदी, चीन 34 फीसदी, और पाकिस्तान 29 फीसदी शामिल है. भारत को इसका फायदा मिल सकता है क्योंकि अमेरिका के प्रमुख टेक्सटाइल सप्लाइर देशों में भारत अब सस्ता विकल्प बन सकता है.
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
टैरिफ के बाद इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि किस सेक्टर पर कितना असर पड़ेगा. आईसीसी नेशनल टेक्सटाइल्स कमेटी के एमडी संजय के जैन का कहना है कि यूरोपीय संघ को छोड़कर भारत पर लगने वाला टैरिफ अन्य देशों से कम है, जिससे भारत को कंपटीशन में बढ़त मिल सकती है. क्योंकि जिन देशों से अमेरिका सस्ते कपड़े मंगवाता था, वे अब महंगे हो जाएंगे. भारत के प्रोडक्ट की कीमत भी बढ़ेगी, लेकिन अन्य देशों की तुलना में यह फिर भी सस्ता रहेगा.
टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर क्या होगा असर
जैन के अनुसार नए टैरिफ के बावजूद भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री को फायदा होने की उम्मीद है. अमेरिका को कपड़ों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इंपोर्ट करना ही होगा, क्योंकि टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल लेबर ओरिएंटेड है और अमेरिका में इसका प्रोडक्शन महंगा पड़ता है. इस वजह से अमेरिका के लिए भारत, बांग्लादेश, वियतनाम जैसे देश प्रमुख गारमेंट सप्लायर बने हुए हैं. लेकिन नए टैरिफ के कारण अब भारत के मुकाबले अन्य देशों के कपड़े महंगे हो सकते हैं, जिससे अमेरिका में भारतीय गारमेंट और टेक्सटाइल प्रोडक्ट की मांग बढ़ सकती है.
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अमेरिकी में भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों की हिस्सेदारी
अमेरिका में भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर की कई प्रमुख कंपनियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति है. Indo Count का लगभग 70 फीसदी और Welspun India का 60 फीसदी कारोबार अमेरिकी बाजार से आता है. Himatsingka (50फीसदी), Trident (40फीसदी), Arvind (25फीसदी), Raymond (20फीसदी) और Vardhman (20-25फीसदी) जैसी कंपनियों की भी अमेरिका में मजबूत पकड़ है. KPR Mill, Page Industries, और Alok Industries का भी अमेरिकी बाजार में मौजूदगी है. नए टैरिफ से इन कंपनियों पर बड़ा असर पड़ सकता है.
अमेरिकी बाजार में भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों की उपस्थिति
- Indo Count– 70% कारोबार अमेरिका से
- Welspun India– 60% कारोबार अमेरिका से
- Himatsingka– 50% कारोबार अमेरिका से
- Trident– 40% कारोबार अमेरिका से
- Arvind– 25% कारोबार अमेरिका से
- Raymond– 20% बाजार हिस्सेदारी अमेरिका में
- Vardhman– 20-25% कारोबार अमेरिका से
- KPR Mill, Page Industries, Alok Industries
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