टैरिफ नहीं, ये ‘रक्तपात’ का आगाज; जेपी मॉर्गन ने जताई ग्लोबल इकोनॉमी में 60 फीसदी मंदी की आशंका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने जवाबी टैरिफ प्लान का ऐलान कर चुके हैं. अमेरिका सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में टैरिफ वॉर के ऐलान का खौफ दिख रहा है. लेकिन, ट्रंप तमाम जोखिमों को उठाते हुए टैरिफ प्लान से पीछे नही हटना चाहते हैं. जबकि, जेपी मॉर्गन, गोल्डमैन सैक्स और मूडीज इससे जुड़े जोखिम बता चुके हैं. जानते हैं इन तीनों फर्म का ट्रंप के टैरिफ प्लान पर क्या कहना है?

टैरिफ Image Credit: money9live

डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ प्लान से दुनियाभर के बाजार थर्राये हुए हैं. दुनिया के तमाम शीर्ष अर्थशास्त्री, एनालिस्ट और रिसर्च फर्म टैरिफ के ऐलान को ग्लोबल इकोनॉमी में ‘रक्तपात’ का आगाज बता रहे हैं. Goldman Sachs और Moody के एनालिस्ट पहले ही महंगाई बढ़ने, मांग घटने और आर्थिक विकास की रफ्तार थमने की चेतावनी दे चुके हैं. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब अमेरिका के सबसे बड़े निजी बैंक और इन्वेस्टमेंट फर्म जेपी मॉर्गन ने कहा है कि टैरिफ का असर अंदाजे से ज्यादा भयावह हो सकता है. खासतौर पर टैरिफ प्लान अमेरिका के साथ ही ग्लोबल इकोनॉमी को गहरी मंदी में खींच सकता है.

जेपी मॉर्गन ने क्या कहा?

जेपी मॉर्गन के एनालिस्टों का कहना है, ‘टैरिफ का असर दुनिया में रक्तपात जैसा होगा. खासतौर पर इनकी वजह से अमेरिका और दुनिया की अर्थव्यवस्था व्यापक रूप से मंदी की चपेट में आ सकती है. अभी तक ग्लोबल इकोनॉमी में मंदी की आंशका 40 फीसदी से कम थी, लेकिन टैरिफ ऐलान के बाद यह बढ़कर 60 फीसदी से ज्यादा हो गई है.’ ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में जेपी मॉर्गन के मुख्य अर्थशास्त्री ब्रूस कासमैन के हवाले से कहा गया है, ‘अब 2025 में वैश्विक मंदी की आशंका 40% से बढ़कर 60% हो गई है.’ कासमैन ने ‘देयर विल बी ब्लड’ शीर्षक से लिखे एक नोट में कहा, ‘इस टैरिफ का प्रभाव प्रतिशोध, अमेरिकी व्यापार भावना में गिरावट और आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों के तौर पर देखने को मिल सकता है.’

Goldman Sachs ने क्या कहा?

गोल्डमैन सैक्स के एनालिस्ट पहले ही इन चिंताओं का उठा चुके हैं. Goldman Sachs ने अगले 12 महीनों में मंदी की आशंका को 20% से बढ़ाकर 35% कर दिया है. इसके साथ ही फर्म ने 2025 के लिए अमेरिकी जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटाकर सिर्फ 1% कर दिया और बेरोजगारी दर में 4.5% की वृद्धि का अनुमान लगाया. गोल्डमैन की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘मंदी की हमारी संभावना में वृद्धि पिछले महीने के दौरान घरेलू और व्यावसायिक विश्वास में तेज गिरावट को दर्शाती है.’

Moody’s Analytics ने भी जताई चिंता

टैरिफ ऐलान के बाद अमेरिकी बाजार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. खासतौर पर एसएंडपी 500 ने 2020 के बाद से अपना सबसे खराब दिन झेला है. इसके अलावा मिशिगन विश्वविद्यालय के सेंटिमेंट सर्वे के मुताबिक ज्यादातर अमेरिकियों को बेरोजगारी बढ़ने की आशंका नजर आ रही है. इन हालातों को लेकर Moody’s Analytics के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जांडी का कहना है कि मंदी की आशंका 15% से बढ़ाकर 40% हो गई है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘इसके पीछे व्यापार युद्ध का तेज होना और सरकारी खर्च में कटौती है.’ इसके साथ ही जांडी ने आयातित कारों और कलपुर्जों पर ट्रंप के 25% टैरिफ और व्यापार भागीदारों से अपेक्षित जवाबी कार्रवाई को बड़ा जोखिम बताया है.

ट्रंप अपने रुख पर टिके

व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने ट्रंप की नीति का बचाव करते हुए तर्क दिया कि टैरिफ अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग के रिवाइवल के लिए जरूरी है. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘अमेरिका केवल विदेशी में बने पार्ट्स को असेंबल करने तक सीमित नहीं रह सकता है. हमें एक मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर बनना होगा, जो उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला के हर चरण पर हावी हो, जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए अहम हैं.’

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