इन 50 प्रोडक्ट पर नहीं लगेगा ट्रंप का टैरिफ, जानें भारत को कैसे मिलेगा फायदा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26% टैरिफ की घोषणा की है, जो 9 अप्रैल से लागू होगा. लेकिन 50 प्रोडक्ट्स ऐसे हैं जिनको इससे छूट दी गई है. इनमें फार्मास्युटिकल्स, विटामिन, सोना, चांदी, समेत कई सारा सामान है. यहां जानें पूरी लिस्ट...

इन 50 प्रोडक्ट पर नहीं लगेगा टैरिफ Image Credit: Money9live/Canva

US Tarrif Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ की घोषणा कर दी है जो 9 अप्रैल से लागू हो जाएगी. भारत पर 26 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया गया है. लेकिन 50 ऐसे प्रोडक्ट हैं जिनपर रेसिप्रोकल टैरिफ नहीं लगेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री को बड़ी राहत देते हुए फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट को नए “रिसिप्रोकल टैरिफ” नियम से छूट दे दी है. इसका एक कारण ये है कि भारत फार्मा प्रोडक्ट को बड़ी मात्रा में अमेरिका में एक्सपोर्ट करता है. ऐसे और भी कई सारे प्रोडक्ट्स हैं. चलिए आपको इन प्रोडक्ट की लिस्ट बताते हैं.

इन प्रोडक्ट पर मिलेगी छू

कीमती धातु

  1. सोना, नान-मॉनेटरी, बुलियन और डोरे (dore)
  2. चांदी- बुलियन और डोरे
  3. प्लेटिनम- अनरिफाइंड या पाउडर रूप में
  4. प्लेटिनम- सेमी-मैन्युफैक्चर्ड रूप में
  5. पैलेडियम- अनरिफाइंड या पाउडर रूप में
  6. पैलेडियम- सेमी-मैन्युफैक्चर्ड रूप में
  7. रोडियम- अनरिफाइंड या पाउडर रूप में
  8. रोडियम – सेमी-मैन्युफैक्चर्ड रूप में
  9. स्टेनलेस स्टील कचरा और स्क्रैप
  10. जिंक

फार्मास्युटिकल्स और विटामिन

  1. इंसुलिन और इसके अन्य रूप
  2. विटामिन A
  3. विटामिन B1 (थायमिन)
  4. विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन)
  5. विटामिन B5 (डी- या डीएल-पैंटोथेनिक एसिड)
  6. विटामिन B6 (पाइरिडॉक्सिन और अन्य B6 तत्व)
  7. विटामिन B12 (साइनोकोबालामिन और अन्य B12 तत्व)
  8. विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड)
  9. विटामिन E (टोकोफेरोल्स और अन्य E तत्व)
  10. फोलिक एसिड

प्रिंटेड और प्रकाशन सामग्री

  1. प्रिंटेड पुस्तकें, ब्रॉशर, पर्चे, और अन्य प्रिंटेड सामग्री
  2. प्रिंटेड डिक्शनरी और एनसाइक्लोपीडिया
  3. समाचार पत्र, जर्नल्स और पत्रिकाएं
  4. समाचार पत्र, जर्नल्स और पत्रिकाएं
  5. ग्रेवियर से बने समाचार पत्रों
  6. बच्चों की चित्रकला और रंग भरने की किताबें
  7. संगीत (प्रिंटेड या हस्तलिखित)
  8. प्रिंटेड नक्शे, एटलस
  9. प्रिंटेड ग्लोब
  10. अन्य प्रिंटेड नक्शे

इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर्स

  1. ट्रांजिस्टर (1W से कम क्षमता वाले)
  2. ट्रांजिस्टर (1W या अधिक क्षमता वाले)
  3. अन्य फोटोसेंसिटिव सेमीकंडक्टर डिवाइसेस
  4. अन्य सेमीकंडक्टर आधारित ट्रांसड्यूसर (फोटोसेंसिटिव नहीं)
  5. अन्य सेमीकंडक्टर डिवाइसेस (ट्रांसड्यूसर और फोटोसेंसिटिव डिवाइसेस को छोड़कर)
  6. ट्रांजिस्टर, सेमीकंडक्टर डिवाइसेस, फोटोसेंसिटिव सेमीकंडक्टर्स और LED के पुर्जे
  7. जिंक
  8. जिंक कचरा और स्क्रैप
  9. जिंक से बने अन्य उत्पाद (घरेलू, टेबल या किचन उपयोग को छोड़कर)
  10. सिक्के (अन्य विशिष्ट श्रेणियों से अलग)

अन्य उत्पाद

  1. मूल हस्तलिखित योजनाएं और चित्र
  2. हस्तलिखित ग्रंथ, फोटो रिप्रोडक्शन, और कार्बन प्रतियां
  3. प्रिंटेड व्यापारिक विज्ञापन सामग्री, कमर्शियल कैटलॉग और इसी तरह की अन्य वस्तुएं
  4. लिथोग्राफिक प्रक्रिया से प्रिंटेड अन्य सामग्री
  5. अन्य प्रिंटेड सामग्री (पेपर पर प्रिंटेड)
  6. बेसिक डाई
  7. कॉपर और उसकी विभिन्न श्रेणियां
  8. ऊर्जा और खनिज जिनकी अमेरिका में उपलब्धता नहीं है
  9. ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स (जो पहले से ही सेक्शन 232 टैरिफ में आते हैं)
  10. स्टील और एल्युमिनियम उत्पाद (जो पहले से ही सेक्शन 232 टैरिफ में आते हैं)

व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक फैक्टशीट में कहा गया है कि, “कुछ प्रोडक्ट रिसिप्रोकल टैरिफ के तहत नहीं आएंगे. इनमें शामिल हैं: (1) वे वस्तुएं जो 50 USC 1702(b) के अंतर्गत आती हैं; (2) स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो/ऑटो पार्ट्स, जो पहले से सेक्शन 232 टैरिफ के अंतर्गत हैं; (3) कॉपर, फार्मास्युटिकल्स, सेमीकंडक्टर्स और लंबर प्रोडक्ट्स; (4) वे सभी वस्तुएं, जो भविष्य में सेक्शन 232 टैरिफ के तहत आ सकती हैं; (5) बुलियन; और (6) ऊर्जा और वे खनिज जो अमेरिका में उपलब्ध नहीं हैं.”

भारत को मिलेगा फायदा

अमेरिका के 26% रेसिप्रोकल टैरिफ के बावजूद, भारत के 50 प्रमुख प्रोडक्ट को छूट मिली है, जिसमें फार्मास्यूटिकल्स (इंसुलिन, विटामिन्स), कीमती धातुएं (सोना, चांदी, प्लेटिनम), सेमीकंडक्टर्स, प्रिंटेड सामग्री और जिंक शामिल हैं. यह छूट भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका को भारत फार्मा प्रोडक्ट (कुल जेनरिक दवाओं का 40%) और धातुओं को बड़ी मात्रा में सप्लाई करता है. इससे इन सेक्टर्स में एक्सपोर्ट स्थिर रहेगा और ट्रेड में बैलेंस बिगड़ने का रिस्क कम हो जाएगा.