आर्थिक दुनिया में कहां खड़ा है भारत? WITT में दिग्गजों ने बताई विश्व स्तर पर देश की भूमिका

आने वाले वर्षों में भारत की भूमिका कितनी मजबूत होगी और कौन-से कारक इसे दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने वाले हैं. टीवी9 के सम्मेलन में एक्सपर्ट ने इसपर बात की. G20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता से लेकर चंद्रयान-3 मिशन तक, भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है.

WITT इवेंट Image Credit: Money9 Live

भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से विकास के पथ पर अग्रसर है और 2030 तक यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रही है. TV9 नेटवर्क द्वारा आयोजित ‘What India Thinks Today’ के तीसरे संस्करण में ‘India in the New World Order’ विषय पर गहन चर्चा की जा रही है. नई दिल्ली के भारत मंडपम में 28 और 29 मार्च को आयोजित इस सम्मेल में राजनीति, खेल, सिनेमा और व्यापार जगत से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार जाहिर किए और तमाम मुद्दों को बारीकी से खंगाला.

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को बहुत मजबूत किया है. आज दुनिया के शीर्ष अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता भारत को केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति के रूप में देख रहे हैं. G20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता से लेकर चंद्रयान-3 मिशन तक, भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है. इस संदर्भ में, TV9 भारतवर्ष के WITT मंच पर भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन ने भारतीय अर्थव्यवस्था की वैश्विक भूमिका पर अपने विचार साझा किए.

India in the New World Order

भारत ने महामारी के कठिन दौर में जिस तरह से कई देशों को वैक्सीन की आपूर्ति की, उसने वैश्विक स्तर पर उसकी मजबूत छवि को और सशक्त बनाया है. मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला शाहिद ने भारत की सराहना करते हुए कहा कि जब दुनिया संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने जरूरतमंद देशों तक सहायता पहुंचाई. उन्होंने कहा, भारत ने न केवल मेडिकल सपोर्ट दिया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी मजबूत स्थिति को भी समय-समय पर साबित किया है.

संयुक्त राष्ट्र के भारत में प्रतिनिधि शोम्बी शार्प ने जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करते हुए कहा कि यह ऐसा समय है, जब सभी देशों को मिलकर जलवायु स्थिरता (Climate Sustainability) पर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत ने आपदा प्रबंधन और जलवायु सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन ऊर्जा संरक्षण (Energy Saving) पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है. इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी और एनर्जी सिक्योरिटी जैसे सेक्टर में व्यापक सुधार की जरूरत है.

दुनिया में भारत की मजबूत स्थिति

भारत अब वैश्विक मंच पर पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है. देश की आर्थिक, कूटनीतिक और तकनीकी प्रगति उसे एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है. G20 की अध्यक्षता से लेकर चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता तक, भारत ने अपनी क्षमताओं का लोहा मनवाया है. सम्मेलन में आए विशेषज्ञों का मानना है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी जगह मजबूत कर रहा है और उसकी नीतियां उसे एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद कर रही हैं.

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) डॉ. अनंत नागेश्वरन ने TV9 नेटवर्क के What India Thinks Today (WITT) सम्मेलन में भारत की अर्थव्यवस्था पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि भारत अगले पांच वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. इसके लिए भारत को अपनी वार्षिक 6.5 फीसदी की ग्रोथ लक्ष्य को बनाए रखना होगा. उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू मांग, निर्यात और औद्योगिक गतिविधि में मजबूती के कारण भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन चुका है.

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कृषि क्षेत्र का भविष्य और उसकी संभावनाएं

कृषि क्षेत्र पर बात करते हुए डॉ. नागेश्वरन ने कहा कि भारत में बड़ी आबादी की आजीविका कृषि पर निर्भर है, इसलिए इसे भविष्य का उद्योग कहा जा सकता है. उन्होंने कृषि मिशन, एडिबल ऑयल मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना जैसी पहलों की प्रशंसा की जो इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं.