कोलकाता के ईडन गार्डेन से लेकर तेलंगाना के 5 स्टार होटल तक वक्फ का दावा, जानें क्या है पूरा मामला
वक्फ बोर्ड और उसकी संपत्तियों को लेकर पिछले कुछ दिनों से देश में चर्चा का नया विषय शुरू हो गया है. बोर्ड की संपत्तियों को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. हालिया दिनों की बात करें तो कोलकाता के फेमस ईडन गार्डन से लेकर तेलंगाना के 5 स्टार होटल तक पर वक्फ बोर्ड दावा कर चुका है.
Waqf Board and their property: तमाम विरोध के बाद भी सदन के दोनों हाउस से वक्फ बिल पास हो गया है. लोकसभा में इसे 10 घंटे की चर्चा के बाद 3 अप्रैल की सुबह 2 बजे पारित हो गया. इस बिल के साथ ही देश में वक्फ की संपत्तियों को लेकर एक नए बहस ने आकार लेना शुरू कर दिया है. सवाल और बहस इस बात की कि देशभर में वक्फ की कितनी संपत्तियां हैं. इसको लेकर कई नए खुलासे हो रहे हैं.
नए खुलासे में पता चला कि कोलकाता के ईडन गार्डन से लेकर फोर्ट विलियम, महाकरन और अलीपुर चिड़ियाघर का आधा हिस्सा भी वक्फ की संपत्ति है. इससे इतर, तेलंगाना के एक 5-स्टार होटल पर भी वक्फ ने अपनी संपत्ति होने का दावा किया था. आइए इन दावों पर विस्तार में बात करते हैं.
लंबी है वक्फ की संपत्तियों की सूची
वक्फ की संपत्तियां पूरे देश में फैली हुई है. पश्चिम बंगाल के पास भी वक्फ की संपत्तियों का अंबार है. वक्फ के एक वर्ग का दावा है कि कोलकाता हवाई अड्डे का एक हिस्सा, राजभवन, ईडन गार्डन, फोर्ट विलियम, महाकरण और अलीपुर चिड़ियाघर का आधा हिस्सा भी वक्फ की संपत्ति है. इस सूची में मोहन बागान क्लब, ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन क्लब की जमीनें भी शामिल हैं. हालांकि इन दावों को लेकर कोई सबूत नहीं है.
पश्चिम बंगाल में कुल 80,548 वक्फ की संपत्ति
हाल ही में भाजपा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने राज्य की वक्फ संपत्तियों को लेकर राज्यसभा में सवाल उठाया था. जवाब में केंद्रीय अल्पसंख्यक विकास मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पश्चिम बंगाल में वक्फ संपत्तियों की कुल संख्या 80,548 है. वर्तमान में 380 वक्फ संपत्तियों पर कब्जा है. इसके लिए बोर्ड किराया भी वसूलता है. केंद्री की जानकारी के अनुसार, कोलकाता के दो बड़े क्लब, रॉयल कलकत्ता गोल्फ क्लब और टॉलीगंज क्लब भी वक्फ संपत्ति पर ही बना हुआ है. इसके लिए क्लब सालाना 18 लाख 88 हजार रुपये किराये के तौर पर देती है.
वक्फ के नाम 5-स्टार होटल?
5-स्टार होटल का मामला तेलंगाना का है. इसकी शुरुआत 1958 में हुई जब तेलंगाना वक्फ बोर्ड ने 1954 के वक्फ अधिनियम के तहत एक शुरुआत जांच में निष्कर्ष निकाला कि होटल की संपत्ति वक्फ की नहीं है. इस जांच के बावजूद बोर्ड संपत्ति पर दशकों से दावा करता आ रहा है. इसके बाद कई तरह के मामले सामने आए थे. कई बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया. हालिया बात करें तो इस मामले को लेकर 2014 में फिर हलचल हुई. उस वक्त वक्फ बोर्ड ने मैरियट होटल को नोटिस जारी किया. इसके बाद इस मामले को और हवा मिली.
हाई कोर्ट याचिका को किया खारिज
वक्फ के लगातार किए जा रहे दावों के कारण मौजूदा कानूनी चुनौतियां पैदा हुई. इसको लेकर तेलंगाना हाई कोर्ट ने अप्रैल 2024 के अपने फैसले में वक्फ की याचिका को खारिज कर दिया. इस याचिका में वक्फ ने वायसराय होटल जिसे अब 5 स्टार मैरियट होटल के नाम से जाना जाता है को अपनी संपत्ति होने का दावा किया था.