अब प्राइवेट कंपनियां भी मोबाइल ऐप्स से कर सकेंगी आधार ऑथेंटिकेशन, जानें क्या होगा फायदा

केंद्र सरकार ने आधार से जुड़े फेस ऑथेंटिकेशन को प्राइवेट कंपनियों के मोबाइल ऐप्स में इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है. इससे आम लोगों को सेवाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी. साथ ही सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आधार गुड गवर्नेंस पोर्टल भी लॉन्च किया है.

मोबाइल ऐप्स में आधार फेस ऑथेंटिकेशन Image Credit: Tv9

Aadhaar-Enabled Face Authentication: आधार कार्ड को लेकर सरकार केंद्र सरकार का बड़ा फैसला आया है. सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को मोबाइल ऐप्स में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन को जोड़ने की अनुमति दे दी है. यह कदम कस्टमर्स को सेवाओं तक आसान पहुंच देने के उद्देश्य से उठाया गया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह प्रोसेस आधार ऑथेंटिकेशन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत की जाएगी, जिसे आधार गुड गवर्नेंस पोर्टल के जरिए लागू किया गया है.

गुड गवर्नेंस पोर्टल से प्रक्रिया होगी आसान

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक आधार गुड गवर्नेंस पोर्टल लॉन्च किया है, जिससे आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़ी मंजूरी प्रोसेस को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा. यह पोर्टल उन सभी इकाइयों के लिए एक गाइड की तरह काम करेगा, जो आधार ऑथेंटिकेशन का उपयोग करना चाहती हैं. इसकी मदद से अब प्राइवेट कंपनियां अपने कस्टमर्स से सामना करने वाले (customer-facing) ऐप्स में फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा को जोड़ सकती हैं, जिससे लोग कभी भी कहीं भी ऑथेंटिकेशन कर सकेंगे.

क्या है नया नियम?

सरकार ने आधार अधिनियम में संशोधन कर निजी कंपनियों को भी आधार ऑथेंटिकेशन की सुविधा देने की मंजूरी दी है. पहले सिर्फ सरकारी विभाग ही इसका उपयोग कर सकते थे. 31 जनवरी 2025 को अधिसूचित किए गए इस संशोधन के बाद अब हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, एजुकेशन, क्रेडिट रेटिंग जैसी सेवाएं आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए आसान हो जाएंगी.

कैसे मिलेगा फायदा?

इसके आने से ग्राहकों को e-KYC, एग्जाम रजिस्ट्रेशन और दूसरी सेवाओं के लिए बार-बार दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी.
कंपनियां कर्मचारियों की हाजिरी, ग्राहकों की पहचान और वेरिफिकेशन आसानी से कर सकेंगी. साथ ही इससे किसी भी समय और कहीं भी फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए सेवाएं प्राप्त की जा सकेंगी.

MeitY सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि इस पोर्टल के लॉन्च से आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़ी प्रक्रियाएं तेज होंगी और इसका दायरा बढ़ेगा. UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार और दूसरे अधिकारियों की मौजूदगी में यह पोर्टल लॉन्च किया गया.

2018 में सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता

सितंबर 2018 में, सुप्रीम कोर्ट ने आधार अधिनियम की धारा 57 को दुरुपयोग की संभावना वाला करार दिया था. यह धारा प्राइवेट कंपनियों को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए आधार ऑथेंटिकेशन की अनुमति देती थी. जिसे बाद में सरकार ने इस प्रक्रिया को पुनः सरल और पारदर्शी बनाने के लिए संशोधन किया है.

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