देश में यहां मिला सोने और प्लैटिनम का बड़ा भंडार, जल्द होगी खदानों की नीलामी; क्या घट पाएगा आयात बिल?
भारत में हर साल लाखों टन सोने का आयात होता है. निवेश हो या आभूषण हर मोर्चे पर सोने की मांग तेजी से बढ़ रही है. सोना फिलहाल, ऑल टाइम हाई के आसपास बना हुआ है. ऐसे में देश में सोने के नए भंडार मिलना राहत की बड़ी खबर है. जानते हैं, कहां मिला है यह भंडार और कितना बड़ा है, क्या इससे देश में सोने के आयात में कमी आएगी?
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया यानी GIS ने के अध्ययन में सामने आया है कि ओडिशा के कई जिलो में सोने और प्लैटिनम के बड़े भंडार हैं. ओडिश सरकार ने इसकी जानकारी विधानसभा में देते हुए बताया है कि GIS ने देवगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में बड़े स्वर्ण भंडारों की पुष्टि की है.
TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा विधानसभा में खनन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने कई जिलों में बड़े पैमाने पर सोने के भंडार की खोज की पुष्टि की है, जिससे राज्य को सोने के खनन केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है. GIS के अध्ययन के मुताबिक सुंदरगढ़, नबरंगपुर, अंगुल, कोरापुट और क्योंझर में बड़े स्वर्ण भंडार मिले हैं. जबकि, कई और क्षेत्रों में खोज जारी है.
पहली खदान नीलामी को तैयार
विशाल स्वर्ण भंडार की पहचान के साथ ही ओडिशा के देवगढ़ में पहली स्वर्ण खदान नीलामी के लिए तैयार है. ओडिशा सरकार, GIS और ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन यानी OMC के सहयोग से सोने के खनन की व्यवहार्यता का आकलन करने के प्रयासों में जुटी है. मयूरभंज, मलकानगिरी और देवगढ़ के जलाडीही क्षेत्र में प्रारंभिक सर्वेक्षण चल रहे हैं, जिनके नतीजे जल्द आने की उम्मीद है. वहीं, क्योंझर के गोपुर-गाजीपुर भंडार का भी व्यावसायीकरण के लिए मूल्यांकन किया जा रहा है.
सोने के अलावा तांबा और प्लैटिनम भी मिला
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा में कई स्थानों पर GSI को तांबे और प्लैटिनम के भंडार भी मिले हैं. ओडिशा सरकार के मुताबिक क्योंझर में हाई ग्रेड प्लैटिनम भंडार भी दर्ज किए हैं, जिससे संसाधन संपन्न राज्य के रूप में इसकी स्थिति और मजबूत हुई है. कीमती धातुओं की खोज ने निवेशकों और खनन फर्मों की रुचि जगाई है. GIS के सर्वे नतीजों के बाद कई कंपनियों ने सरकार से ओडिशा में कीमती धातुओं की खोज के लिए मंजूरी मांगी है.
क्या भारत का आयत घटेगा?
GIS के अनुमान के मुताबिक ओडिशा का गोल्ड रिजर्व करीब 20 टन का हो सकता है. वहीं, भारत का सालाना गोल्ड इंपोर्ट 700 टन से ज्यादा है. इस तरह देखा जाए, तो ओडिशा के गोल्ड रिजर्व का भारत के ओवरऑल गोल्ड इंपोर्ट पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.
भारत में कुल कितना सोना
PIB की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत की जमीन में मार्च 2021 की स्थिति के मुताबिक 654.74 टन सोने के भंडार होने का अनुमान है. हालांकि, इसके बाद कई टन के नए स्वर्ण भंडार भी मिले हैं.