1, 2 नहीं… बल्कि 17 घंटे की चर्चा के बाद राज्यसभा में पारित हुआ वक्फ बिल, यहां समझिए नंबर गेम

संसद ने वक्फ (संशोधन) बिल 2025 को पास कर दिया. यह बिल राज्यसभा में शुक्रवार सुबह पास हुआ. लोकसभा ने गुरुवार को 12 घंटे की बहस के बाद इसे पास किया था. राज्यसभा में 128 वोट इसके पक्ष में और 95 खिलाफ पड़े. लोकसभा में 288 सांसदों ने हां कहा, जबकि 232 ने ना.

वक्फ बोर्ड Image Credit: @tv9

Waqf Bill in Rajya Sabha today: संसद ने वक्फ (संशोधन) बिल 2025 को पास कर दिया. यह बिल राज्यसभा में शुक्रवार सुबह पास हुआ. लोकसभा ने गुरुवार को 12 घंटे की बहस के बाद इसे पास किया था. राज्यसभा में 128 वोट इसके पक्ष में और 95 खिलाफ पड़े. लोकसभा में 288 सांसदों ने हां कहा, जबकि 232 ने ना. दोनों सदनों में बहस देर रात तक चली. राज्यसभा शुक्रवार सुबह 4 बजे तक चली. यह 17 घंटे की लंबी बैठक थी. अब यह बिल राष्ट्रपति के पास जाएगा. उनकी मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा.

किरेन रिजिजू ने कहीं ये बात

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बिल कई लोगों की सलाह से बनाया गया. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड एक सरकारी संस्था है. सभी सरकारी संस्थाएं धर्मनिरपेक्ष होनी चाहिए. इसलिए इसमें गैर-मुस्लिमों को भी शामिल किया गया. लेकिन 22 में से सिर्फ 4 ही गैर-मुस्लिम होंगे. रिजिजू ने कांग्रेस और विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे मुसलमानों को डरा रहे हैं.

कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार

रिजिजू ने कहा कि 60 साल तक कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया. वे आज भी गरीब हैं. मुसलमान गरीब हैं. इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है. अब मोदी सरकार उन्हें ऊपर उठाने का काम कर रही है. इस बिल में वक्फ ट्रिब्यूनल को मजबूत करने और तेज विवाद सुलझाने की बात है. वक्फ संस्थाओं को बोर्ड में 7 फीसदी की जगह 5 फीसदी देना होगा. 1 लाख से ज्यादा कमाने वाली संस्थाओं का ऑडिट राज्य के ऑडिटर करेंगे.

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ये है नया कानून

इस बिल के अनुसार, 5 साल से अधिक प्रैक्टिस करने वाले मुसलमान अपनी संपत्ति वक्फ को दे सकते हैं. महिलाओं को पहले इसमें भागेदारी नहीं मिलती थी. अब उन्हें अपना हक मिल सकेगा. इसमें विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथों के लिए खास नियम हैं. सरकारी संपत्तियों की जांच कलेक्टर से ऊंचे अधिकारी करेंगे. गैर-मुस्लिमों को भी वक्फ बोर्ड में शामिल करने का प्रस्ताव है. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि हमने बिल पर अपनी राय दी. लेकिन सरकार ने नकारात्मक रुख अपनाया.