आने वाला है 135 करोड़ रुपये का IPO, सेबी की हरी झंडी का इंतजार, वित्तीय स्थिति में दिख रहा मुनाफा
आईपीओ का मार्केट पिछले कुछ समय से काफी सुस्त पड़ा हुआ है. लेकिन अब धीरे-धीरे कंपनियां अपने आईपीओ पेश कर रही हैं. इसी कड़ी में जयपुर की एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी एडवांस एग्रोलाइफ लिमिटेड ने आईपीओ के लिए सेबी के पास पेपर फाइल कर दी है.
Advance Agrolife IPO: प्राइमरी मार्केट में पिछले कुछ समय से काफी शांति छाई हुई है. कुछ कंपनियों का इश्यू आया लेकिन निवेशक उन्हें लेकर काफी सुस्त दिखाई पड़े. लेकिन अब धीरे-धीरे आईपीओ का बाजार फिर से हरा होता हुआ दिख रहा है. आने वाले समय में कई कंपनियां आईपीओ के लिए सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) का दरवाजा खटखटा रही हैं. उसी तर्ज पर एक और कंपनी जिसका नाम Advance Agrolife है, ने आईपीओ के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल कर दिए हैं. इश्यू के जरिये कंपनी 1.92 करोड़ नए शेयर जारी करना चाहती है जिसके लिए वह 135 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है.
फाइल किया ड्राफ्ट
जयपुर बेस्ड एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एडवांस एग्रोलाइफ लिमिटेड जल्दी ही अपना आईपीओ जारी कर सकती है. कंपनी ने सेबी के पास आईपीओ जारी करने के लिए ड्राफ्ट पेपर को फाइल कर दिया है. अब सेबी की हरी झंडी का इंतजार है. आईपीओ में कंपनी 10 रुपये की फेस वैल्यू पर 1.92 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी.
कंपनी खासतौर पर किसानों के लिए सॉल्यूशन प्रोडक्ट्स बनाती है जो क्रॉप की लाइफ साइकिल को सपोर्ट करते हैं. इससे इतर, आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल और दूसरे कॉर्पोरेट यूज के लिए करेगी.
शेयरों की हिस्सेदारी
आईपीओ के जरिये जारी किए जाने वाले शेयर अलग-अलग कैटेगरी के लिए रिजर्व हैं. इश्यू का 35 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व है वहीं 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित है. इसके अलावा 15 फीसदी हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व है. सेबी की मंजूरी के बाद कंपनी के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट होंगे.
वित्तीय स्थिति
कंपनी को वित्त वर्ष 2023-24 में 24.7 करोड़ रुपये का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) हुआ. वहीं वित्त वर्ष 2022-23 में यह 14.85 करोड़ रुपये था. कंपनी के मुनाफे में कुल 66.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू वित्त वर्ष 24 में 455.9 करोड़ रुपये रहा. वहीं एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 23 में वह 397.7 करोड़ रुपये था.