NSDL इसी साल लाएगी IPO, SEBI ने दी जुलाई 2025 तक की मोहलत, जानें क्या है पूरा मामला?
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी ने NSDL यानी नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड को IPO के लिए 31 जुलाई, 2025 तक की मोहलत दी है. NSDL ने SEBI से आईपीओ लाने के लिए समय देने की मांग की थी, इस मांग पर विचार करते हुए सेबी ने यह फैसला किया है.

भारतीय इक्विटी बाजार के नियामक सेबी ने मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूट यानी MII में शामिल NSDL को अपना आईपीओ लाने के लिए 4 महीने की मोहलत दी है. अब NSDL 31 जुलाई, 2025 तक अपना आईपीओ लॉन्च कर सकती है. सेबी के इस फैसले से NSDL को अपना IPO लाने की तैयारी करने और अनुकूल बाजार परिस्थितियों में इसे लॉन्च करने के लिए पर्याप्त समय मिल पाएगा. यह IPO पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों की तरफ से शेयरों की बिक्री यानी OFS पर आधारित होगा. इस आईपीओ से मिलने वाली रकम NSDL को नहीं मिलेगी.
NSDL ने क्या कहा?
इस संबंध में NSDL ने बुधवार को जारी एक स्टेटमेंट में कहा कि सेबी ने 28 मार्च, 2025 के अपने एक पत्र के माध्यम से, शर्तों के साथ NSDL के शेयरों को मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर 31 जुलाई, 2025 तक सूचीबद्ध करने की इजाजत दी है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार से एनएसडीएल को आईपीओ के लिए खुद को तैयार करने और बाजार की स्थिति अधिक अनुकूल होने पर इसे लॉन्च करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा.
2023 से लटक रहा मामला
NSDL ने आईपीओ के लिए सबसे पहले जुलाई 2023 में सेबी को आईपीओ लाने के लिए आवेदन सौंपा. इसके बाद सेबी ने पिछले साल सितंबर 2024 में NSDL को आईपीओ लाने की मंजूरी दी. हालांकि, मार्केट इन्फ्रा इंस्टीट्यूट के तौर पर NDSL को सेबी से आईपीओ के लिए DRHP के अलावा भी मंजूरी लेनी होती है.
अप्रैल में खत्म हो रही थी मियाद
NSDL को अपना आईपीओ लाने के लिए अप्रैल 2025 तक सेबी के मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करना जरूरी है. यह NDSL की लिस्टिंग के लिए अनिवार्य शर्त है. अगर सेबी की तरफ से इस समय सीमा को 31 जुलाई, 2025 तक नहीं बढ़ाया जाता, तो NSDL को आईपीओ के लिए नए सिरे से आवेदन करना पड़ता.
कितना बड़ा होगा NSDL IPO?
NSDL का प्रस्तावित IPO मौजूदा शेयरधारकों की तरफ से 5.72 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयरों की बिक्री के लिए एक OFS होगा, जिसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक अपनी हिस्सेदारी बेचने वाली हैं.
क्या काम करती है NSDL?
NSDL सेबी रजिस्टर्ड मार्केट इन्फ्रा इंस्टीट्यूट है. इसकी स्थापना 1996 में डिपॉजिटरीज अधिनियम के तहत की गई. NDSL ने भारत में सिक्योरिटीज के डीमैटरियलाइजेशन में अहम भूमिका निभाई. NDSL भारत की पहली सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी है, जिसके पास रखी सिक्योरिटीज की वैल्यू सितंबर 2024 में 500 लाख करोड़ रुपये यानी करीब 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई.
क्यों लाना पड़ रहा IPO?
सेबी के स्वामित्व मानदंडों का पालन करने के लिए NSDL को बाजार में लिस्टिंग करनी होगी. सेबी नियमों के मुताबिक कोई भी इकाई किसी डिपॉजिटरी कंपनी में 15 फीसदी से ज्यादा शेयरहोल्डर नहीं हो सकती है. एनएसडीएल के प्रमुख शेयरधारकों, आईडीबीआई बैंक और एनएसई को सेबी के नियम का पालन करने के लिए कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम करनी होगी. फिलहाल, आईडीबीआई के पास एनएसडीएल में 26.10 फीसदी और एनएसई के पास 24 फीसदी हिस्सेदारी है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी IPO में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल इसकी जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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