फोनपे IPO पर बड़ा अपडेट, एक कदम और आगे बढ़ी कंपनी, अब किया ये काम
PhonePe IPO: रिपोर्ट के अनुसार, 15 अरब डॉलर तक की वैल्यूएशन की मांग करते हुए फोनपे घरेलू टेक आईपीओ क्लब में शामिल होने जा रही है. UPI के जरिये देश में भुगतान के मामले में फोनपे सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है. मार्केट में फोनपे की 48 फीसदी हिस्सेदारी है.
PhonePe IPO: वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फोनपे अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) प्लान पर आगे बढ़ रही है. फिनटेक एंड पेमेंट कंपनी ने फिलहाल 4 इन्वेस्टमेंट बैंकों को सलाहकार के रूप में चुना है. 15 अरब डॉलर तक की वैल्यूएशन की मांग करते हुए फोनपे घरेलू टेक आईपीओ क्लब में शामिल होने जा रही है. मनीकंट्रोल के अनुसार, आईपीओ प्राइमरी और सेंकेडरी शेयरों का कॉम्बिनेशन हो सकता है. फोनपे आईपीओ की लिस्टिंग वित्त वर्ष 26 में हो सकती है.
वॉलमार्ट के पास सबसे अधिक हिस्सेदारी
रिपोर्ट के अनुसार, यह एक मार्केट लीडर की ओर से एक बड़ा टेक आईपीओ होने की उम्मीद है, जिसका इश्यू साइज एक अरब डॉलर से अधिक होने की संभावना है. हालांकि, अभी शुरुआती स्टेज है, बाजार की स्थितियों के आधार पर बाद में योजनाएं बदल सकती हैं. लेकिन अभी तक फर्म निवेशकों के लिए पैसा छोड़ना चाहती है और 15 अरब डॉलर तक के वैल्यूएशन पर नजर गड़ाए हुए है.
फोनपे में वॉलमार्ट मेजॉरिटी शेयरहोल्डर है और अन्य निवेशकों में माइक्रोसॉफ्ट, जनरल अटलांटिक, टाइगर ग्लोबल, रिबिट कैपिटल, टीवीएस कैपिटल, टेनसेंट और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल हैं.
लिस्टिंग की दिशा में काम कर रही कंपनी
20 फरवरी को फोनपे ने ऐलान किया कि वह भारतीय एक्सचेंजों पर लिस्ट होने के लिए आईपीओ से जुड़े कदम उठा रहा है. वॉलमार्ट के सीईओ डग मैकमिलन ने कहा था कि हमारा फिनटेक बिजनेस PhonePe, भारत में IPO के लिए तैयारी कर रहा है. हमारी PhonePe टीम लंबे समय से एक पब्लिक कंपनी बनने महत्वकांक्षा रखती है और हम ये शुरुआती कदम उठाने के लिए उत्साहित हैं. PhonePe दिसंबर 2022 में सिंगापुर से भारत में ट्रांसफर हो गया है.
सबसे बड़ा पेमेंट प्लेटफॉर्म
नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की तरफ से रियल टाइम पेमेंट सर्विस यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिये देश में भुगतान के मामले में फोनपे सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है. जनवरी 2025 के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की UPI पेमेंट में 48 फीसदी हिस्सेदारी है. Google Pay लगभग 37 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है.