TATA Capital ला रही 15000 करोड़ का आईपीओ, सेबी के पास की सीक्रेट फाइलिंग; जानें सभी डिटेल्स

टाटा ग्रुप की एक बड़ी वित्तीय कंपनी ने शेयर बाजार से जुड़ा ऐसा कदम उठाया है, जिससे बाजार में हलचल बढ़ गई है. यह कदम किससे जुड़ा है और इसके पीछे की रणनीति क्या है, जानिए पूरी खबर में.

टाटा कैपिटल आईपीओ Image Credit: Tata Capital

TATA Capital IPO: देश के सबसे बड़े और विविध कारोबार वाले समूहों में से एक, टाटा ग्रुप ने अपनी प्रमुख वित्तीय सेवाओं की कंपनी टाटा कैपिटल को शेयर बाजार में लाने की दिशा में बड़ा कदम उठा लिया है. एन. चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने बाजार नियामक सेबी के पास टाटा कैपिटल का 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का आईपीओ गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के जरिए दाखिल कर दिया है. यह जानकारी मनीकंट्रोल ने अपनी रिपोर्ट के जरिए दी है. उन्होंने उद्योग से जुड़े कई सूत्रों के हवाले से यह खबर रिपोर्ट की है.

NBFC कंपनी टाटा कैपिटल की IPO यात्रा शुरू

टाटा कैपिटल एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है और यह टाटा संस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो कि टाटा ग्रुप की प्रमुख होल्डिंग कंपनी भी है.

इस साल 21 मार्च को मनीकंट्रोल ने सबसे पहले रिपोर्ट किया था कि टाटा कैपिटल ने अपने आईपीओ के लिए 10 बड़े निवेश बैंकों को सलाहकार के तौर पर जोड़ा है और कंपनी गोपनीय फाइलिंग रूट चुनने जा रही है. इन बैंकों में कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, जेपी मॉर्गन, एक्सिस कैपिटल, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एचएसबीसी, आईआईएफएल कैपिटल, बीएनपी परिबास, एसबीआई कैपिटल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं.

IPO में Tata Sons और IFC बेचेंगे हिस्सेदारी

इस आईपीओ में फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल दोनों शामिल होंगे. टाटा संस और निवेशक IFC अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे, हालांकि टाटा संस की हिस्सेदारी ज्यादा रहेगी. 25 फरवरी को टाटा कैपिटल के बोर्ड ने आईपीओ योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत कंपनी 23 करोड़ नए शेयर जारी करेगी.

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मार्च 2024 तक टाटा संस के पास टाटा कैपिटल की 92.83 फीसदी हिस्सेदारी थी जबकि बाकी हिस्सेदारी अन्य टाटा ग्रुप कंपनियों और IFC के पास थी. कंपनी की योजना है कि आईपीओ के बाद भी टाटा संस की हिस्सेदारी 75 फीसदी से नीचे न जाए. फिच की एक रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया गया है. आईपीओ से पहले टाटा कैपिटल ने फरवरी में 1,504 करोड़ रुपये का राइट्स इश्यू भी मंजूर किया था, जिसे टाटा संस ने पूरी तरह सब्सक्राइब किया. यह पूंजी कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और लिस्टिंग की तैयारियों में मदद करेगी.

गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट क्या है?

नवंबर 2022 में सेबी ने मेन बोर्ड के इशूर्स के लिए गोपनीय फाइलिंग रूट की शुरुआत की थी. इस रूट के जरिए कंपनियां अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को पब्लिक करने से पहले उसमें मौजूद महत्वपूर्ण बिजनेस डेटा और जोखिमों को गोपनीय रख सकती हैं. इससे कंपनियों को बाजार स्थितियों के हिसाब से अपने निर्णय बदलने का लचीलापन मिलता है. टाटा कैपिटल, टाटा प्ले, ओयो, स्विग्गी, विशाल मेगा मार्ट, क्रेडिला फाइनेंशियल, इंदिरा आईवीएफ और फिजिक्सवाला के बाद गोपनीय फाइलिंग करने वाली आठवीं बड़ी भारतीय कंपनी बन गई है.