Pre-EMI vs Full EMI: घर खरीदने से पहले जान लें लोन का पूरा गणित, कौन सा है आपके लिए बेहतर?
भारत में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे घर खरीदना महंगा सौदा बनता जा रहा है. हालांकि, बहुत से लोगों का अपना घर खरीदने का सपना होता है. ऐसी स्थिति में लोन एक बेहतर विकल्प हो सकता है, जो आपके सपने को साकार करने में मदद कर सकता है. लेकिन लोन लेने से पहले यह जानना जरूरी है कि Pre-EMI और Full EMI में क्या अंतर है, साथ ही यह भी समझना आवश्यक है कि कौन-सा विकल्प किसके लिए बेहतर हो सकता है.

Pre-EMI vs Full EMI: घर खरीदने से पहले जान लें लोन का पूरा गणित, कौन सा है आपके लिए बेहतर?आज के दौर में घर खरीदना महंगा होता जा रहा है, क्योंकि प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इस बढ़ती कीमतों के बीच लोन एक बेहतर विकल्प हो सकता है, जो घर खरीदने की जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकता है. यदि आप घर खरीदने के लिए लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो Pre-EMI और Full EMI के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं Pre-EMI और Full EMI में क्या अंतर है और कौन-सा विकल्प आपके लिए सही रहेगा.
क्या होता है Pre-EMI
Pre-EMI तब लागू होता है जब आप किसी अधूरी (निर्माणाधीन) प्रॉपर्टी के लिए लोन लेते हैं. इस स्थिति में बैंक लोन को कई चरणों में जारी करता है, और आपको केवल उतनी राशि का ब्याज देना पड़ता है, जितना आपको लोन जारी किया गया है. Pre-EMI में आपको केवल ब्याज का भुगतान करना होता है, मूलधन का नहीं.
Pre-EMI किसके लिए फायदेमंद है
- जो लोग अभी प्रॉपर्टी का कब्जा नहीं ले पाए हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है.
- यदि आप किराए के मकान में रहते हैं, तो यह फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे आप ईएमआई और किराया दोनों को आसानी से मैनेज कर सकते हैं.
- यदि आपके पास अभी पर्याप्त पैसे नहीं हैं और आपको भुगतान के लिए कुछ समय चाहिए, तो यह बेहतर विकल्प हो सकता है.
Pre-EMI के नुकसान
- लोन की अवधि लंबी हो सकती है, जिससे कुल ब्याज अधिक चुकाना पड़ सकता है.
- यदि निर्माण कार्य में देरी होती है, तो आपका वित्तीय बोझ बढ़ सकता है.
- लंबे समय तक केवल ब्याज भरने से मूलधन नहीं घटता, जिससे कुल लागत अधिक हो जाती है.
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क्या होता है Full EMI
यदि आप पहले से बनी हुई (रेडी-टू-मूव) प्रॉपर्टी के लिए लोन लेते हैं, तो Full EMI लागू होता है. इसमें आपको मूलधन और ब्याज दोनों का भुगतान करना होता है.
Full EMI के फायदे
- Pre-EMI की तुलना में कुल ब्याज कम देना पड़ता है, क्योंकि आप शुरू से ही मूलधन और ब्याज दोनों चुका रहे होते हैं.
- लोन की अवधि कम होती है, जिससे आप जल्दी लोन चुका सकते हैं.
- हर महीने मूलधन और ब्याज दोनों का भुगतान होने से, धीरे-धीरे मूलधन घटता जाता है और ब्याज की राशि कम होती जाती है.
Full EMI के नुकसान
- हर महीने अधिक ईएमआई भरनी पड़ती है, जिससे आपकी मासिक बजट योजना प्रभावित हो सकती है.
- यदि आपकी आय सीमित है, तो यह आपके लिए वित्तीय दबाव बढ़ा सकता है.
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