31 मार्च तक भर लें ITR-U, नहीं तो देना होगा 50 फीसदी तक का पेनाल्टी

इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स से 31 मार्च 2025 तक अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) दाखिल करने की अपील की है. जल्दी फाइल करने पर अतिरिक्त टैक्स 25 फीसदी है, जबकि बाद में फाइल टैक्सने पर यह 50 फीसदी हो जाएगा. अप्रैल 2025 से, ITR-U दाखिल करने की समय सीमा 48 महीने तक बढ़ाई जाएगी, लेकिन पेनाल्टी भी बढ़ेगी.

इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स ओं से 31 मार्च 2025 तक अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) दाखिल करने की अपील की है. Image Credit: Money9live

Updated Return: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स को 31 मार्च 2025 से पहले अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) भरने की सलाह दी है. टैक्सपेयर्स ऐसा करके अतिरिक्त टैक्स और ब्याज पर बचत कर सकते हैं. अगर 31 मार्च 2025 तक ITR-U फाइल करते हैं, तो 25 फीसदी अतिरिक्त टैक्स और ब्याज देना होगा, जबकि इसके बाद फाइल करने पर 50 फीसदी अतिरिक्त टैक्स और ब्याज लगेगा. ITR-U एक अपडेटेड रिटर्न है, जिसे टैक्सपेयर्स अपनी इनकम में छूटे हुए डिटेल या किसी गलती को सुधारने के लिए दाखिल कर सकते हैं. इसे 2 साल तक फाइल किया जा सकता है, बशर्ते टैक्सपेयर्स ने पहले ऑरिजिनल, बिलेटेड या रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया हो.

अतिरिक्त टैक्स का नियम

अगर आप 31 मार्च 2025 से पहले टैक्स फाइल करते हैं, तो आपको 25 फीसदी अतिरिक्त टैक्स के साथ ब्याज भी देना होगा. लेकिन अगर आप 31 मार्च 2025 के बाद टैक्स फाइल करते हैं, तो यह पेनल्टी बढ़कर 50 फीसदी अतिरिक्त टैक्स हो जाएगी और ब्याज भी देना पड़ेगा. इसलिए समय पर टैक्स फाइल करने से आप पेनल्टी और अतिरिक्त ब्याज से बच सकते हैं.

अब तक कितने ITR-U फाइल हुए?

सरकार ने लोकसभा में बताया कि आकलन वर्ष 2024-25 में 28 फरवरी 2025 तक 4.64 लाख ITR-U फाइल किए गए और 431.20 करोड़ का टैक्स जमा हुआ है. पिछले आकलन वर्ष 2023-24 में 29.79 लाख ITR-U भरे गए और 2,947 करोड़ का टैक्स जमा हुआ था.

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अप्रैल से लागू होगा नया नियम

अगर आप समय पर टैक्स फाइल करते हैं, तो पेनल्टी से बच सकते हैं और पैसे भी बचा सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपका टैक्स 1 लाख रुपये है और आप पहले 12 महीने में देरी करते हैं, तो आपको 25 फीसदी यानी 25,000 अतिरिक्त टैक्स देना होगा.

12 से 24 महीने की देरी पर यह बढ़कर 50 फीसदी यानी 50,000 रुपये हो जाएगा. अगर देरी 24 से 36 महीने की है, तो आपको 60 फीसदी यानी 60,000 रुपये ज्यादा देना पड़ेगा, और 36 से 48 महीने की देरी पर यह पेनल्टी 70 फीसदी यानी 70,000 रुपये तक बढ़ सकती है. इसलिए, समय पर टैक्स फाइल करना आपके लिए फायदेमंद है और बड़ी पेनल्टी से बचाता है