हरियाणा में बिजली हुई महंगी, जानें घरेलू उपभोक्ताओं को कितना ज्यादा देना होगा बिल

हरियाणा में बिजली दरों में 20-30 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी की गई है. डोमेस्टिक कंज्यूमर के लिए न्यूनतम मासिक शुल्क (MMC) हटा दिया गया और 300 यूनिट तक कोई फिक्स्ड चार्ज नहीं लगेगा. इंडस्ट्रियल टैरिफ बढ़ाया गया, और कृषि क्षेत्र को राहत दी गई. 5 kW से अधिक लोड वाले कंज्यूमर के लिए नई कैटेगरी बनाई गई.

हरियाणा में बिजली दरों में 20-30 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी की गई है. Image Credit:

Haryana Electricity Tariff Hike: हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिजली दरों में 20-30 पैसे प्रति kWh/kVAh की बढ़ोतरी की है. यह बढ़ोतरी डोमेस्टिक और इंडस्ट्रियल दोनों कैटेगरी पर लागू होगी. हालांकि डोमेस्टिक कंज्यूमर को राहत देते हुए न्यूनतम मासिक शुल्क (MMC) हटा दिया गया है. 300 यूनिट तक की मासिक खपत पर कोई फिक्स्ड चार्ज नहीं लगेगा. नए फैसले में कमीशन ने कृषि क्षेत्र को राहत का ऐलान किया है.

डोमेस्टिक कंज्यूमर के लिए नई रेट्स

खपतनया टैरिफ प्रति kWhपहले का टैरिफ (प्रति kWh
0-50 यूनिट₹2.20₹2.00
51-100 यूनिट₹2.70₹2.50
101-150 यूनिट₹2.95₹2.75
151-300 यूनिट₹5.25
301-500 यूनिट₹6.45
500+ यूनिट₹7.10

MMC को खत्म किया

नए टैरिफ स्ट्रक्चर में डोमेस्टिक कंज्यूमर को राहत दी गई है. इसके बदले टू-पार्ट टैरिफ प्रणाली लागू की गई है, जिसमें 300 यूनिट तक मासिक खपत वाले डोमेस्टिक कंज्यूमर पर कोई फिक्स्ड चार्ज नहीं लगेगा. पीटीआई के रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में पड़ोसी राज्यों की तुलना में कैटेगरी- I घरेलू कंज्यूमर का टैरिफ अब भी सबसे किफायती है.

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5 kW से अधिक लोड वाले कंज्यूमर के लिए नई कैटेगरी

खपतटैरिफ प्रति kWh
0-500 यूनिट₹6.50
501-1000 यूनिट₹7.15
1000+ यूनिट₹7.50
फिक्स्ड चार्ज (301+ यूनिट)₹50 प्रति kW

इंडस्ट्रियल कंज्यूमर के लिए नई रेट्स

कृषि क्षेत्र के लिए राहत

पीटीआई के रिपोर्ट के मुताबिक, मीटर्ड कनेक्शन वाले किसानों के लिए मासिक न्यूनतम शुल्क (MMC) 200 रुपये से घटाकर 180/144 रुपये BHP प्रति वर्ष कर दिया गया है, जिससे कृषि क्षेत्र को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा, 20 kW से अधिक लोड के लिए एक नई कैटेगरी बनाई गई है, जो मशरूम कंपोस्ट, हाई-टेक हाइड्रोपोनिक्स, एरोपोनिक्स और कोल्ड स्टोरेज जैसे नए सेक्टर को बढ़ावा देगी.