महज 7 साल में 200 फीसदी का मिलेगा रिटर्न, यूज करें 8-4-3 वाला फॉर्मूला

कुछ चीजें है जो ज्यादातर निवेशक भूल जाते हैं. वह ये है कि बाजार का समय देखने से नहीं, बल्कि बाजार में समय बिताने से फायदा होता है. पहले आठ साल नींव बनाते हैं. बाद में तेज बढ़त मिलती है. बाजार नीचे जाए तो सस्ते में ज्यादा यूनिट्स खरीद सकते हैं. आइए आपको विस्तार से समझाते हैं.

7 साल में अपने पैसे को 200% बढ़ाएं Image Credit: Money 9

भारत में निवेश का चलन तेजी से बढ़ा है. लोग अलग-अलग तरीकों से निवेश करते हैं. कोई शेयर मार्केट में तो कोई गोल्ड में निवेश कर रहा है. ऐसे में आइए आपको एक शानदार तरीका बताते हैं, जिसके जरिए आप महज 7 साल के भीतर 200 फीसदी तक अपना पैसा बढ़ा सकते हैं. और इसमें काम आएगा 8-4-3 कंपाउंडिंग नियम ? आइए आपको विस्तार से इस फॉर्मूले के तहत निवेश की रणनीति बताते हैं.

धीरे-धीरे बढ़ता है पैसा

वैल्यू रिसर्च की खबर के अनुसार, पहले आठ साल में अगर 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिले तो पैसा धीरे-धीरे बढ़ता है. ज्यादातर लोग इस लेवल पर ज्यादा रिटर्न न देखकर, निवेश से बाहर निकल जाते हैं. लेकिन अगर आप धैर्य रखे तो आठ साल बाद, पैसा तेजी से डबल होता है. यानी 8 साल के निवेश के बाद अगले चार साल (12 साल बाद) में पैसा दोगुना होने लगता है. और फिर अगले तीन साल में यानी 15 साल बाद यह फिर दोगुना हो जाता है. इस तरह 7 साल में आप 200 फीसदी का मुनाफा कमा सकते हैं. लेकिन ऐसा करने के लिए आपको पहले 8 साल का धैर्य रखना होगा.

यहां समझें पूरा गणित

मान लीजिए आप हर महीने 10,000 रुपये इक्विटी फंड में SIP करते हैं. इसमें 12 फीसदी औसत सालाना रिटर्न मिलता है. रिटर्न जितना ज्यादा होगा, उतनी तेजी से पैसा बढ़ेगा. आप Sensex को ही देख लें. पिछले पांच साल में SIP से 14 फीसदी से ज्यादा सालाना रिटर्न मिला. 10 साल में 13.5 फीसदी और 15 साल में यह 12.7 फीसदी रहा. हर महीने 10,000 रुपये SIP 12 फीसदी औसत सालाना रिटर्न के हिसाब से किया जाए तो यह कुछ इस प्रकार होगा-

सालनिवेश की राशि (रुपये)कुल राशि (लगभग) (रुपये)
11,20,000 (10,000 x 12 महीने)1,28,093
22,40,000 (10,000 x 24 महीने)2,72,432
33,60,000 (10,000 x 36 महीने)4,35,076
44,80,000 (10,000 x 48 महीने)6,18,348
56,00,000 (10,000 x 60 महीने)8,24,864
67,20,000 (10,000 x 72 महीने)10,57,570
78,40,000 (10,000 x 84 महीने)13,19,790
89,60,000 (10,000 x 96 महीने)16,15,266
910,80,000 (10,000 x 108 महीने)19,48,215
1012,00,000 (10,000 x 120 महीने)23,23,391
1113,20,000 (10,000 x 132 महीने)27,46,148
1214,40,000 (10,000 x 144 महीने)32,22,522
1315,60,000 (10,000 x 156 महीने)37,59,311
1416,80,000 (10,000 x 168 महीने)43,64,180
1518,00,000 (10,000 x 180 महीने)50,45,760

लेकिन बाजार तो सीधा नहीं चलता?

छोटी अवधि में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव होता है. कभी दोहरे अंकों में बढ़ता है, कभी नुकसान भी होता है. लेकिन लंबे समय में यह औसत हो जाता है. जरूरी है कि उतार-चढ़ाव में भी निवेश बनाए रखा जाए. गिरावट आपके फायदे में हो सकती है. जब कीमतें कम होती हैं, नियमित SIP से ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं. इससे औसत लागत कम हो जाती है.

निवेशकों को इन बातों का रखना चाहिए ध्यान

कुछ चीजें है जो ज्यादातर निवेशक भूल जाते हैं. वह ये है कि बाजार का समय देखने से नहीं, बल्कि बाजार में समय बिताने से फायदा होता है. पहले आठ साल नींव बनाते हैं. बाद में तेज बढ़त मिलती है. बाजार नीचे जाए तो सस्ते में ज्यादा यूनिट्स खरीद सकते हैं. 8-4-3 नियम तभी काम करता है जब आप बाजार के उतार-चढ़ाव में टिके रहें. बाजार का समय देखने से बेहतर है हर महीने निवेश करना.