12 लाख से ज्यादा है इनकम, जानें HR को टैक्स रिजीम का कौन सा देना होगा ऑप्शन- ये है पूरा हिसाब

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही 12 लाख रुपये तक की आय पर शून्य टैक्स का नियम लागू हो गया है. अब लोगों को तय करना होगा कि वे पुरानी टैक्स व्यवस्था में रहना चाहते हैं या नई व्यवस्था में जाना चाहते हैं. पुरानी व्यवस्था में टैक्स दरें अधिक हैं, लेकिन इसमें डिडक्शन और छूट का फायदा मिलता है, जबकि नई व्यवस्था में टैक्स दरें कम हैं लेकिन कोई डिडक्शन या छूट नहीं मिलती.

नई टैक्स रिजीम या ओल्ड टैक्स रिजीम Image Credit: Money9live/Canva

Old vs New Tax Regime: नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो चुका है. इसी के साथ 12 लाख तक की इनकम पर जीरो टैक्स वाला नियम भी लागू हो चुका है. समय आ गया है कि आपको तय करना होगा कि नई रिजीम चुनें या पुरानी? क्योंकि अब आपके ऑफिस का HR भी पूछेगा कि पुरानी रिजीम में जाएंगे या नई? ज्यादातर लोगों को बजट 2025 के बाद हुई घोषणा से नई रिजीम ज्यादा फायदेमंद दिख रही है. लेकिन अभी भी कुछ टैक्सपेयर्स के लिए पुरानी रिजीम बेहतर है. तो कैसे तय करें कि आपके लिए कौन-सी सही है? यहां आपको सैलरी वाइज कैलकुलेशन देते हैं.

पुरानी टैक्स व्यवस्था

पुरानी टैक्स रिजीम में टैक्स दरें ज्यादा है लेकिन इसमें डिडक्शन और छूट का काफी फायदा मिलता है. इनमें निवेश कर टैक्स छूट मिलती है: PPF, ELSS, NPS, HRA, और LTA.

इनकम टैक्स स्लैबइनकम टैक्स रेट
0-2.5 लाख रुपए तकNIL
2.5- 5 लाख रुपए तक5%
5-10 लाख रुपए तक20%
10 लाख से ऊपर30%

कैलकुलेशन

मान लीजिए आपकी कुल इनकम 10 लाख रुपये है और आप 2 लाख रुपये के डिडक्शन और छूट क्लेम कर सकते हैं.
तो आपकी टैक्सेबल इनकम 8 लाख होगी. अब इस 8 लाख पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा:

फायदा: जितने ज्यादा डिडक्शन क्लेम करेंगे, उतना ही टैक्स कम होगा.

नई टैक्स व्यवस्था

12 लाख तक कोई इनकम टैक्स, यही नई टैक्स व्यवस्था की खासियत है. दूसरा, इसमें टैक्स की दरें कम हैं, लेकिन आपको किसी डिडक्शन का फायदा या कोई और छूट नहीं मिलेगी.

इनकम टैक्स स्लैबइनकम टैक्स रेट
4-8 लाख रुपये5%
8-12 लाख रुपये10%
12-16 लाख रुपये15%
16-20 लाख रुपये20%
20-24 लाख रुपये25%
24 लाख रुपये से ऊपर30%

पुरानी व्यवस्था में 10 लाख के ऊपर 30% टैक्स लगता है, जबकि नई व्यवस्था में 24 लाख तक 30% टैक्स नहीं लगता. इसका मतलब है कि कम टैक्स रेट के बदले, आपको कोई कटौती या छूट नहीं मिलेगी.

13 लाख से 20 लाख तक की इनकम पर टैक्स (नई vs पुरानी व्यवस्था)

इनकम (रुपये में)नई व्यवस्था में टैक्सपुरानी व्यवस्था में टैक्सपुरानी व्यवस्था में नई जितना टैक्स बचाने के लिए कितना डिडक्शन
13,00,00025,0001,87,5006,87,500
14,00,00078,7502,17,5005,18,750
15,00,00093,7502,47,5005,43,750
16,00,0001,08,7502,77,5005,68,750
17,00,0001,25,0003,07,5006,08,333
18,00,0001,45,0003,37,5006,41,667
19,00,0001,65,0003,67,5006,75,000
20,00,0001,85,0003,97,5007,08,333

तो दोनें में से कौन सी बेहतर?

अगर आपकी इनकम 20 लाख है तो:

जब तक आप बड़े डिडक्शन का क्लेम नहीं कर सकते, तब तक नई व्यवस्था फायदेमंद रहेगी. इसलिए पहले डिडक्शन का कैलकुलेशन करें फिर तय करें.

12 लाख तक की इनकम पर आप कितना टैक्स देना होगा?

इनकम (रुपये में)नई टैक्स व्यवस्था में टैक्सपुरानी टैक्स व्यवस्था में टैक्सपुरानी व्यवस्था में नई व्यवस्था जितना टैक्स बचाने के लिए कितना डिडक्शन चाहिए
6,00,000022,50050,000
7,00,000042,5001,50,000
8,00,000062,5002,50,000
9,00,000082,5003,50,000
10,00,00001,02,5004,50,000
11,00,00001,27,5005,50,000
12,00,00001,57,5006,50,000

यह भी पढ़ें: Income Tax Calculator: 2025-26 के लिए ऐसे होगा टैक्स का गुणा-भाग, NPS और स्टैंडर्ड डिडक्शन का मिलेगा फायदा

20 लाख की इनकम पर पुरानी vs नई टैक्स व्यवस्था की तुलना

पुरानी टैक्स व्यवस्था – कैलकुलेशन इनकम 20 लाख, स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000. इस हिसाब से टैक्स 19,50,000 पर लगेगा.

इनकम स्लैबटैक्स कैलकुलेशनकुल टैक्स
0 – 2.5 लाख0% of 2.5 लाख = 00
2.5 – 5 लाख5% of 2.5 लाख = 12,50012,500
5 – 10 लाख20% of 5 लाख = 1,00,0001,12,500
10 – 19.5 लाख30% of 9.5 लाख = 2,85,0003,97,500

नई टैक्स व्यवस्था – कैलकुलेशन इनकम 20 लाख, स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000. इस हिसाब से टैक्स 19,25,000 पर लगेगा.

इनकम स्लैबटैक्स कैलकुलेशनकुल टैक्स
0 – 3 लाख0% of 3 लाख = 00
3 – 6 लाख5% of 3 लाख = 15,00015,000
6 – 9 लाख10% of 3 लाख = 30,00045,000
9 – 12 लाख15% of 3 लाख = 45,00090,000
12 – 15 लाख20% of 3 लाख = 60,0001,50,000
15 – 19.25 लाख30% of 4.25 लाख = 1,27,5002,77,500