हर साल नहीं देना होगा हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, जानें क्या होता है 5 साल वाला प्लान
IRDAI ने हेल्थ इंश्योरेंस नियमों में बदलाव कर मल्टी-ईयर पॉलिसी को अब पांच साल तक उपलब्ध किया है, जो पहले यह तीन साल तक था. इससे हेल्थ इंश्योरेंस को बनाए रखना सस्ता और आसान हो गया है.
अगर आप भी हर साल अपना हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भरने से परेशान हो गए हैं, तो अब आप इससे छुटकारा पा सकते हैं. क्योंकि IRDAI ने इस से जुड़े नियमों में बदलाव किया है, जिसके बाद अब आप अपनी हेल्थ इंश्योरेंस को बिना हर साल रिन्यूअल किए पांच साल तक सुरक्षित कर सकते हैं, जबकि पहले यह तीन साल तक ही उपलब्ध था. इस बदलाव के बाद हेल्थ इंश्योरेंस को बनाए रखना अब और भी आसान और सस्ता हो गया है.
मल्टी-ईयर पॉलिसी पर आपको 17-18% तक की छूट मिल सकती है. उदाहरण के लिए, अगर एक 30 साल का व्यक्ति दिल्ली में 10 लाख का कवर लेता है, तो उसकी सालाना प्रीमियम लगभग 9,000 रुपये होती है. अगर वह मल्टी-ईयर ऑप्शन चुनता है, तो तीन साल के लिए उसे लगभग 24,000 रुपये और पांच साल के लिए 38,000 रुपये देना होगा. इस तरह उसे तीन साल में 12% और पांच साल में 18-19% की बचत होगी.
मल्टी-ईयर पॉलिसी के फायदे:
लॉक-इन प्रीमियम: इससे आपको हर साल प्रीमियम बढ़ने से बचाव होता है. खासकर युवाओं के लिए यह लाभकारी है, क्योंकि उन्हें कम दरों पर लंबी अवधि के लिए कवर मिलता है.
बचत: तीन साल की पॉलिसी पहले से ही लोकप्रिय रही हैं क्योंकि ये किफायती होती हैं, लेकिन पांच साल की पॉलिसी इन्हें और भी बेहतर बनाती हैं. मल्टी-ईयर हेल्थ प्लान्स 17-18% तक की छूट दे सकते हैं. यह लंबी अवधि के हेल्थकेयर खर्चों को कम करने के लिए एक आकर्षक विकल्प है, जिसमें आपको कवर में कोई कमी किए बिना ही अधिक फायदा मिलेगा.
बिना झंझट के रिन्यूअल: आपको हर साल पॉलिसी रिन्यू करने की चिंता नहीं होती, और यह खासकर एनआरआई और यात्रा करने वाले व्यक्तियों के लिए फायदेमंद है.
टैक्स में बचत : मल्टी-ईयर पॉलिसी पर सेक्शन 80D के तहत कर लाभ मिलता है. आपको हर साल प्रीमियम का एक हिस्सा कर छूट के रूप में मिल सकता है.
इसके अलावा, मल्टी-ईयर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में लचीलापन होता है, जैसे कि ईएमआई के जरिए प्रीमियम भुगतान और नो-क्लेम बोनस भी मिलता है.
आप्शन चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान:
- प्रीमियम भुगतान कैसे करना है (लंप-सम, ईएमआई, या मासिक/तिमाही)
- पर्याप्त कवर सुनिश्चित करें
- भविष्य में प्रीमियम में बदलाव को समझें
- अतिरिक्त कवर और राइडर्स का चुनाव करें
- आसान क्लेम निपटान प्रक्रिया वाली बीमा कंपनियों का चयन करें