UPI यूजर ध्यान दें! 1 अप्रैल से पहले जरूर कर लें ये काम, वरना नहीं कर पाएंगे पेमेंट

UPI ने पेमेंट करने के तरीके में काफी बड़ा बदलाव किया है. करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल हर रोज करते हैं. छोटे दुकान से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह यूपीआई का टैग मिल जाएगा. लेकिन नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल 2025 से यूपीआई के नियम बदलने वाले हैं.

UPI का नया नियम Image Credit: @Tv9

UPI New Rule: भारत में पेमेंट करने के तौर तरीके में काफी बड़ा बदलाव UPI के आने के बाद आया है. UPI ने लेनदेन की पूरी प्रक्रिया को आसान बना दिया है. यही वजह है कि हर बीतते समय के साथ ट्रांजैक्शन वैल्यू और ट्रांजैक्शन नंबरों की संख्या में काफी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. ठेले पर सब्जी बेचने वाले से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह आपको क्यूआर कोड मिल जाएगा. देश को कैशलेस इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर यूपीआई एक बड़ा कदम है.

1 अप्रैल से क्या बदलेगा?

नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से यूपीआई के नियम में बड़ा बदलाव होने वाला है. अगर आप बदलने वाले इस नियम का पालन नहीं करते हैं तब 1 अप्रैल के बाद आपका यूपीआई बंद हो सकता है. नए नियम के मुताबिक, इनएक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़ी हुई यूपीआई आईडी भी इनएक्टिव हो जाएगी. यानी अगर किसी यूपीआई यूजर का बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लंबे समय से बंद है यानी इनएक्टिव है, तब उस यूजर की यूपीआई आईडी भई अन-लिंक हो जाएगी. ऐसे होने के बाद यूजर यूपीआई सर्विस का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा.

ऐसे में क्या करें?

अगर आपका मोबाइल नंबर और बैंक में रजिस्टर्ड नंबर एक ही है और वह लंबे समय से इनएक्टिव है तो आपको उसे वापस से एक्टिव करना पड़ेगा. या बैंक से रजिस्टर्ड नए नंबर पर नई यूपीआई आईडी बनाए. ऐसा करने से ही आपका यूपीआई चालू रह सकता है नहीं तो 1 अप्रैल से यूपीआई सर्विस इस्तेमाल करने में यूजर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

क्या है NPCI की गाइडलाइन?

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नए गाइडलाइन के मुताबिक, बैंक वेरीफाइड मोबाइल नंबर के यूपीआई आइडेंटिफायर के रूप में काम करेगा. जिससे यूजर अगल-अलग यूपीआई एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर सकता है. इससे इतर, न्यूमेरिक यूपीआई आई़डी असाइन करने से पहले एप्लीकेशन को यूजर से इजाजत लेने की जरूरत होगी.