लाल किला, ताज महल, जामा मस्जिद; क्या वक्फ बोर्ड के पास, जान लें कौन है मालिक

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने एक आंतरिक सर्वेक्षण किया. इसमें पाया गया कि भारत के 250 संरक्षित स्मारक वर्तमान में वक्फ संपत्तियों के रूप में पंजीकृत हैं. इनमें दिल्ली के प्रमुख स्थलों जैसे फीरोज शाह कोटला स्थित जामा मस्जिद, आरके पुरम में छोटी गुंमती मकबरा, हौज खास मस्जिद और ईदगाह शामिल हैं.

वक्फ बोर्ड Image Credit: Money 9

केंद्र सरकार बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को संसद में पेश करने जा रही है. ऐसे में आप में से कई लोग यह जानना चाहते हैं कि ताज महल और कुतुब मीनार जैसे स्मारकों पर वक्फ बोर्ड का नियंत्रण है या किसी अन्य संस्था का. हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने एक आंतरिक सर्वेक्षण किया है. इसमें पाया गया कि भारत के 250 संरक्षित स्मारक वर्तमान में वक्फ संपत्तियों के रूप में पंजीकृत हैं. इनमें दिल्ली के प्रमुख स्थलों जैसे फीरोज शाह कोटला स्थित जामा मस्जिद, आरके पुरम में छोटी गुंमती मकबरा, हौज खास मस्जिद और ईदगाह शामिल हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, ASI की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ये वक्फ संपत्तियां सदियों पुरानी हैं. उदाहरण के तौर पर, अहमदनगर में अहमद शाह के मकबरे को ASI ने 1909 में संरक्षित स्मारक घोषित किया था. लेकिन इसे साल 2006 में वक्फ संपत्ति के रूप में चिन्हित किया गया था. इसी तरह, बेलगाम के सफा मस्जिद को 1909 में संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित किया गया था. लेकिन इसे साल 2005 में वक्फ संपत्ति के रूप में चिन्हित किया गया था.

वक्फ बोर्ड द्वारा दावा किए गए कुछ प्रमुख स्मारकों की लिस्ट इस प्रकार है-

  • फिरोज शाह कोटला स्थित जामा मस्जिद
  • आर.के. पुरम में छोटी गुमटी मकबरा
  • हौज खास मस्जिद
  • इदगाह
  • विजयपुरा में गोल गुम्बज (कर्नाटक)
  • इब्राहिम रौजा और बारा कमान (कर्नाटक)
  • बीदर और कालाबुरागी के किले (कर्नाटक)

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ये स्मारक वक्फ बोर्ड के अधीन नहीं आते हैं:

  • लाल किला
  • ताज महल
  • कुतुब मीनार
  • चार मीनार
  • फतेहपुर सीकरी
  • हुमायूं का मकबरा
  • अद्हाई दिन का झोपड़ा

वक्फ एक्ट 1995 क्या है?

वक्फ एक्ट 1995 के अनुसार, वक्फ का मतलब धार्मिक या चैरिटेबल उद्देश्यों के लिए किसी संपत्ति को स्थायी रूप से समर्पित करना है. वक्फ संपत्तियों में इमारतें, दरगाह/मजार, कब्रिस्तान, ईदगाह, खानकाह, मदरसे, मस्जिद, प्लॉट, तालाब, स्कूल और दुकानें शामिल हैं.

वक्फ संपत्तियां क्या हैं?

वक्फ संपत्तियां वे संपत्तियां होती हैं जो मुस्लिम समुदाय के लोग धर्मार्थ कार्यों के लिए दान करते हैं. प्रत्येक राज्य में वक्फ बोर्ड होते हैं, जो इन संपत्तियों का प्रबंधन करते हैं. वक्फ संपत्तियों को न तो बेचा जा सकता है और न ही इन्हें स्थायी रूप से किराए पर दिया जा सकता है.

वक्फ बोर्ड भारत में कितनी संपत्तियों का नियंत्रण करता है?

वक्फ बोर्ड 9.4 लाख एकड़ भूमि और 8.7 लाख संपत्तियों का प्रबंधन करता है. इनकी अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये है, जिससे वक्फ बोर्ड भारत का तीसरा सबसे बड़ा जमीन मालिक बनता है. पहले स्थान पर भारतीय रेलवे और दूसरे स्थान पर भारतीय सेना हैं.

इन राज्यों में वक्फ बोर्ड की अचल संपत्तियां इस प्रकार है

  • अंडमान और निकोबार द्वीपों में 150 वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं.
  • आंध्र प्रदेश में 10,708, असम में 1,616, और बिहार में शिया वक्फ बोर्ड की 1,672 और सुन्नी वक्फ बोर्ड की 6,480 संपत्तियां पंजीकृत हैं.
  • चंडीगढ़ में 34, छत्तीसगढ़ में 2,665, दादरा और नगर हवेली में 32, और दिल्ली में 1,047 वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं.
  • गुजरात में 30,881, हरियाणा में 23,117, और हिमाचल प्रदेश में 4,494 संपत्तियां पंजीकृत हैं.
  • झारखंड में 435, जम्मू और कश्मीर में 32,506, कर्नाटक में 58,578, और केरल में 49,019 वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं.
  • लक्षद्वीप में 896, मध्य प्रदेश में 31,342, महाराष्ट्र में 31,716, और मणिपुर में 966 वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं.

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