जल्द जमा कर दें प्रॉपर्टी टैक्स नहीं तो कट सकता है पानी-सीवर का कनेक्शन, नगर निगम हुआ सख्त
गाजियाबाद नगर निगम ने 94,920 प्रॉपर्टी ऑनर्स को बकाया प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने की चेतावनी दी है. अब तक 40-45 करोड़ रुपये बकाया है. नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रॉपर्टी टैक्स समय पर चुकाने पर छूट मिलेगी.
Property Tax: गाजियाबाद नगर निगम ने उन 94,920 प्रॉपर्टी ऑनर्स के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया है. अधिकारियों के मुताबिक, नगर निगम को अब भी 40-45 करोड़ रुपये का बकाया वसूलना बाकी है. अधिकारियों का कहना है कि अब तक 4,52,000 प्रॉपर्टीज का आकलन किया गया है, जिनमें से 51,856 व्यावसायिक संपत्तियां हैं. दरअसल, प्रॉपर्टी टैक्स में तीन तरह के कर आते हैं, जिनमें हाउस टैक्स, पानी टैक्स और सीवरेज/नाली टैक्स शामिल हैं.
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजियाबाद नगर निगम को वित्त वर्ष 2024-25 में प्रॉपर्टी टैक्स से 350 करोड़ रुपये की कमाई हुई. जबकि, 2023-24 में 294.95 करोड़ रुपये, 2022-23 में 206.67 करोड़ रुपये और 2021-22 में 175.47 करोड़ रुपये की इनकम हुई थी. नगर निगम के मुख्य टैक्स निर्धारण अधिकारी संजीव सिंह ने कहा कि अब तक 90,000 से ज्यादा प्रॉपर्टी ऑनर्स ने टैक्स नहीं चुकाया है. इसलिए उन्हें 1 अप्रैल से बकाया राशि पर 12 फीसदी ब्याज देना होगा. उन्होंने कहा कि लगातार बकाया रखने वालों की प्रॉपर्टीज सील की जा सकती हैं. या उनका पानी और सीवर कनेक्शन काटा जा सकता है.
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प्रॉपर्टी टैक्स समय पर चुकाने पर छूट मिलेगी
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रॉपर्टी टैक्स समय पर चुकाने पर छूट मिलेगी. 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच भुगतान करने पर 20 फीसदी की छूट मिलेगी. 1 अगस्त से 30 सितंबर तक 10 फीसदी की छूट दी जाएगी. जबकि 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने पर 5 फीसदी की छूट मिलेगी. लेकिन इसके बाद कोई छूट नहीं दी जाएगी.
वहीं, पिछले शुक्रवार को नगर निगम ने अपनी कार्यकारी समिति बैठक में 3,722 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट है. अधिकारियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ाने का वादा किया है.
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बजट के आंकड़े
- 2022-23 में बजट 1,417 करोड़ रुपये था
- 2023-24 में 1,684 करोड़ रुपये हुआ
- 2024-25 में 2,465 करोड़ रुपये तक बढ़ा
- अब 2025-26 के लिए इसे 3,722 करोड़ रुपये कर दिया गया है.