घर खरीदारों के लिए खुशखबरी, नोएडा में इन 20,000 लोगों को मिलेगा सपनों का आशियाना

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है. बिल्डरों ने सरकार की माफी योजना का फायदा उठाकर अपनी बकाया राशि चुकाई है. इससे रुके हुए प्रोजेक्ट्स में फ्लैट्स की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है. नोएडा अथॉरिटी ने बताया कि उनके क्षेत्र में 57 प्रोजेक्ट्स रुके हुए थे. इनमें से 33 ने इस योजना के तहत कुछ बकाया जमा किया है.

घर खरीदारों के लिए खुशखबरी Image Credit: Money 9

Good News For buyers in Noida: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दरअसल, बिल्डरों ने सरकार की एमनेस्टी स्कीम का फायदा उठाकर अपनी बकाया राशि चुकाई है. इससे रुके हुए प्रोजेक्ट्स में फ्लैट्स की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है.यह स्कीम घर खरीदने वालों के लिए सिक्योरिटी के रूप में काम करती है, ऐसा इसलिए क्योंकि यह बिल्डरों को अतिरिक्त ब्याज लगाने की अनुमति नहीं देती है. नोएडा अथॉरिटी ने बताया कि उनके क्षेत्र में 57 प्रोजेक्ट्स रुके हुए थे. इनमें से 33 ने इस योजना के तहत कुछ बकाया जमा किया है. इन बिल्डरों ने अब तक 534 करोड़ रुपये अथॉरिटी को दिए हैं. अब करीब 20,000 लोगों को इसका सीधा फायदा पहुंचने वाला है.

इतनी कंपनियों ने लिया लाभ

ग्रेटर नोएडा में 98 रुके हुए प्रोजेक्ट्स थे. इनमें से 77 ने इस योजना का लाभ लिया. वहां अथॉरिटी को अब तक 1,014 करोड़ रुपये मिले हैं और बाकी बकाया चुकाने पर 1,800 करोड़ रुपये और मिलेंगे. नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटीज ने उन बिल्डरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, जो इस योजना में शामिल नहीं हुए. ऐसे बिल्डरों की संपत्ति जब्त करने और पुलिस कार्रवाई की तैयारी है. अब तक एक दर्जन से ज्यादा मामलों को आर्थिक अपराध शाखा को भेजा जा चुका है. हाल ही में नोएडा अथॉरिटी ने ओमेक्स ग्रुप की बिना बिकी जमीन सील कर दी. ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी पर 457 करोड़ रुपये बकाया है.

घर का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

इस कदम से न सिर्फ खरीददारों को अपने घर की रजिस्ट्री मिल सकेगी. बल्कि रुके हुए प्रोजेक्ट्स भी पूरे होने की राह पर बढ़ेंगे. यह उन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है जो सालों से अपने घर का इंतजार कर रहे थे. अथॉरिटीज का यह सख्त रवैया बिल्डरों पर दबाव बनाएगा कि वे नियमों का पालन करें और खरीदारों के हितों की रक्षा हो.

क्या है मामला?

प्रॉपर्टी डेवलपर्स पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटीज का कुल 40,000 करोड़ रुपये बकाया है. इसमें जमीन के लिए प्रीमियम, ब्याज और जुर्माना शामिल है. यह उन प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है जो अभी चल रहे हैं. इस योजना के तहत बिल्डरों को यह छूट दी गई है कि वे बकाया चुकाएं और इसके बदले में उन्हें कुछ राहत मिले. लेकिन एक शर्त यह भी है कि बिल्डर इस छूट का फायदा खरीददारों से कोई अतिरिक्त ब्याज वसूल कर नहीं ले सकते. इसका मतलब है कि सरकार की ओर से दी गई राहत का पूरा लाभ घर खरीदने वालों को मिलेगा.